एनआइटी राउरकेला द्वारा शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम

एनआइटी राउरकेला द्वारा शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम
एनआइटी राउरकेला द्वारा शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम

प्रेस विज्ञप्ति: एनआईटी राउरकेला द्वारा उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद्  (सीएचएसई) ओडिशा के शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), राउरकेला ने उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद्  (सीएचएसई), ओडिशा से अंतरर्गत 150 शिक्षकों के लिए विज्ञान विषयों पर  “प्रशिक्षण कार्यक्रम” का शुभारंभ किया गया। यह व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक चरण में 50 प्रतिभागी शामिल होंगे। प्रत्येक चरण 5 दिनों का होगा और इसमें तीन विषयों – जीव विज्ञान (लाइफ साइंस) 26 से 30 नवंबर, 2024, रसायन विज्ञान (2 से 6 दिसंबर, 2024), और भौतिकी (9 से 13 दिसंबर, 2024) पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एनआईटी राउरकेला के ‘स्पॉन्सर्ड रिसर्च, इंडस्ट्रियल कंसल्टेंसी और कंटिन्यूइंग एजुकेशन (एसआरआईसीसीई)’ विभाग द्वारा आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर शांतनु कुमार बेहरा (एसआरआईसीसीई के सह-डीन) और सह-संयोजक प्रोफेसर मधुरिमा जाना (एसआरआईसीसीई के सह-डीन) हैं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह 26 नवंबर, 2024 को आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती सुभाष्री नंदा (स्कूल और जन शिक्षा विभाग, ओडिशा सरकार की अतिरिक्त सचिव एवं सीएचएसई की अध्यक्ष), उपस्थित थीं। कार्यक्रम में एनआईटी राउरकेला के निदेशक प्रो. के. उमामहेश्वर राव, एसआरआईसीसीई के डीन प्रो. एस. के. प्रतिहार, और अन्य संकाय सदस्यों समेत कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, सीएचएसई के उप सचिव डॉ. महेंद्र प्रसाद बेहरा भी इस अवसर पर मौजूद थे।

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान प्रो. एस. के. प्रतिहार ने अपने संबोधन भाषण में जिज्ञासा आधारित शिक्षा और सहयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा, “हमारा प्रशिक्षण शिक्षण में तकनीक और अनुसंधान के एकीकरण पर केंद्रित है, जिससे छात्रों में जिज्ञासा और परियोजना आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जा सके।" उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे ऐसे उपकरणों के बारे में सीखें जो छात्रों में नवाचार और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित कर सकें।

एनआईटी राउरकेला के निदेशक  प्रो. के. उमामहेश्वर राव ने शिक्षक प्रशिक्षण की आवश्यकता पर ध्यान देने के लिए ओडिशा सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा, "शिक्षकों के पास छात्रों की बौद्धिक और व्यक्तिगत विकास को संवारने की अनूठी जिम्मेदारी है। बच्चे अपने शिक्षकों पर भरोसा करते हैं कि वे उन्हें उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाएंगे। यह आवश्यक है कि शिक्षक सहानुभूति और समर्पण के साथ इस भूमिका को निभाएं।"
मुख्य अतिथि श्रीमती सुभाष्री नंदा ने प्रशिक्षण के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा, "यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एनआईटी राउरकेला और सीएचएसई ओडिशा का एक संयुक्त प्रयास है, जिसका उद्देश्य शिक्षण विधियों को बेहतर बनाना और विषयों की गहन समझ प्रदान करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप, यह ट्रेनिंग शिक्षकों को छात्रों के लिए परिवर्तनकारी और प्रभावशाली शिक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक उपकरण और कौशल उपलब्ध कराने का प्रयास करता है।"

एनआईटी राउरकेला की ओर से जीव विज्ञान (लाइफ साइंस) प्रशिक्षण की समन्वयक प्रो. बिस्मिता नायक (जीवन विज्ञान विभाग की प्रमुख) हैं। रसायन विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. गरुड़ध्वज होता (रसायन विभाग के प्रमुख) और भौतिकी प्रशिक्षण के समन्वयक प्रो. ज्योति प्रकाश कर (भौतिकी विभाग के प्रमुख) हैं।

इस प्रशिक्षण के दौरान, शिक्षकों को प्रयोगशालाओं का दौरा करने और छात्रों के साथ बातचीत करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही, उन्हें विभिन्न विषयों पर व्याख्यान भी दिए जाएंगे। यह पहल ओडिशा में शिक्षा के मानकों को बढ़ाने और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक विषयों में शिक्षकों के विकास को बढ़ावा देने के प्रति एक मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।