आर्थिक तंगी से गुजरता बिसरा पंचायत

आर्थिक तंगी से गुजरता बिसरा पंचायत

हरहर शम्भू चौधरी (मुख्य संपादक) 

बिसरा पंचायत की आर्थिक स्थिति इन दिनों तंगहाली में गुज़र रही है,सरपंच सूरज नायक ने बकाएदारों को भेजा नोटिस। 

बिसरा पंचायत कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पंचायत का राजस्व का स्रोत दुकाने, हाट-बाजार,पानी वितरण,तालाब आदी से होने वाले आय,जो आर्थिक राशि के रूप में पंचायत को मिलती है। वह आनी बंद हो गई है, इसका कारण यह है कि उल्लिखित सूबिधाओं का लाभ ले रहे लोगों को पंचायत कार्यालय में सुविधा शुल्क जमा करना होता है, पर सालो से पंचायत मार्केट कॉम्प्लेक्स के अधिकांश दुकानदारो ने पंचायत कार्यालय में दुकान का किराया जमा ही नहीं किया है जिनमें बिसरा पंचायत के पूर्व सरपंच मंगरु पूर्ति का भी नाम शामिल है। पूर्व सरपंच मंगरू पूर्ति ने सन् 2021 में पंचायत मार्केट कॉम्प्लेक्स के दुकान संख्या 18 को किराए पर लिया था जिसका किराया 500 रूपये प्रतिमाह है, पर उन्होने जबसे दुकान किराए पर लिया है अबतक एक माह का भी किराया अदा नहीं किया है। उनके दुकान का किराया 2023 के अंत तक 20,400 रूपये हो चुका है, जो अबतक बकाया राशि ही है। जबकि मंगरू पूर्ति और उनकी पत्नी इसी पंचायत के पूर्व सरपंच है। इनके साथ ही मार्केट कॉम्प्लेक्स का कुल बकाया 2,59,000 है। उसी तरह बिसरा पंचायत कार्यालय के समीप स्थित बिसरा साप्ताहिक हाट का बकाया राशि 1,50,000 है, जो ठेकेदार को चुकाना है । साप्ताहिक हाट के साइकिल स्टैड़ का बकाया राशि 31,500 है, जो ठेकेदार को चुकाना है। इतना ही नहीं बिसरा पंचायत क्षेत्र के घरों में वितरण किया जानेवाला शुद्ध पेयजल के लिए प्रति घर 100 रूपये मासिक शुल्क देय होता है।जिनमें 50 प्रतिशत से अधिक ऐसे घर है जो इस शुल्क को अदा करना जरूरी नहीं समझते। यही वजह है कि बिसरा पंचायत के राजस्व का श्रोत मार्केट कॉम्प्लेक्स, साप्ताहिक हाट, और साइकिल स्टैंड़ का ही कुल 4,46,000 रुपये बकाया है।इसमें पानी उपभोक्ताओं का भी बकाया मिला दिया जाए तो 5 लाख के करीब होता है।