38 घंटे बाद मलवे के नीचे से निकाला 3 शव
सुंदरगढ़ जिला के राजगांगपुर शहर में स्थित डालमिया सीमेंट भारत लिमिटेड़ में कोल हापर गिरने से हुई एक बडी़ दुर्घटना में राहत एवं बचाव कार्य 38 घंटे तक चला। 38 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलवे में दबे 3 शव बरामद किए गए।
आपको बतादें कि पिछले गुरुवार की शाम 7 बजे एक डालमियाँ सीमेंट कारखाने का कोयला हॉपर 150 फीट की ऊँचाई से नियंत्रण कक्ष के ऊपर गिर गया। जिससे, नियंत्रण कक्ष में बैठे 3, लोग मलवे के नीचे दब गए। उन पर लगभग 50 टन कोयले का ढेर लगा हुआ था।कारखाना प्रबंधन की ओर से फौरन राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया। यह राहत कार्य लागातार 38 घंटे तक चला जिसके बाद मलवे के नीचे से तीन लोगों के शव बरामद हुए। जिनमें जगतसिंहपुर जिले के रंजीत भोज (29), गजपति जिले के पारलाखेमुंडी निवासी दशरथ पान (38) और केन्द्र पाडा़ से आकर राउरकेला में रह रहे, सुशांत राउत (58) थे।
इस दौरान कारखाने के मुख्य द्वार के सामने तनाव हो बना रहा ।कारखाना प्रबंधन की ओर से प्रत्येक परिवार से चर्चा के बाद 25 लाख रुपये प्रति परिवार, बीमा की राशि 10 लाख रुपये प्रति परिवार, एक व्यक्ति के लिए आवास एवं रोजगार, बच्चों के लिए आवास तथा, 2 2 साल के होने तक मुफ्त शिक्षा, कंपनी की ओर से दिया जाएगा।
इसको लेकर मृतक के परिवार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद, तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए राउरकेला अस्पताल ले जाया गया।
इस दुर्घटना के बाद वायलर विभाग के संयुक्त निर्देशक ने बताया कि ऐसी खबर है कि, उक्त पावर प्लांट को अनिश्चित काल तक के लिए बंद कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि स्थानीय पुलिस अधिकारी घटना की आगे की जांच कर रहे हैं।
लोगों का आरोप है कि खराब रख रखाव के कारण हुआ हादसा
स्थानीय विधायक सीएस राजन एक्का और स्थानीय लोगों ने यह आरोप लगाया है कि कारखाना प्रबंधन द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। मशिनों के रख रखाव पर प्रबंधन का ध्यान नहीं है।
देखिए और सुनिए लोगों ने क्या कहा,
महीने पहले भी सीमेंट कारखाना में हुई थी कंवेयर वेल्ट गिरने की घटना
इस घटना की खबर सारांश दैनिक में प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी।
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https://saranshdainik.com/डालमिया-सीमेंट-का-कन्वेयर-बेल्ट-सड़क-पर-गिरा-बाल-बाल-बचे-लोग





