22 मई को ग्वालियर में पूर्व अर्धसैनिक बलों का महासम्मेलन का आयोजन
28 राज्यों से आने वाले पूर्व अर्धसैनिक पुरानी पैंशन बहाली,शहीद का दर्जा व अन्य जायज सुविधाओं को लेकर आवाज बुलंद करेंगे
नितिन सिन्हा (संपादक : खबरसार)
28 राज्यों से आने वाले पूर्व अर्धसैनिक पुरानी पैंशन बहाली,शहीद का दर्जा व अन्य जायज सुविधाओं को लेकर आवाज बुलंद करेंगे।
नई दिल्ली: कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस मार्टियरस वेलफेयर एसोसिएशन एक ऐसा संगठन है जो पिछले 8 सालों से लगातार पैरा मिलिट्री जवानों व उनके परिवारों के हित से जुड़े मुद्दों जिनमें पुरानी पैंशन बहाली,वन रैंक वन पेंशन,शहीद का दर्जा जैसे अन्य कल्याणकारी मुद्दों को लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष कर रहा हैं।
इस क्रम में संगठन के बैनर तले एक बार फिर से 22 मई 2023 को ग्वालियर में एक्स पैरामिलिट्री सेमिनार का आयोजन होने जा रहा है।
महासचिव रणबीर सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि "इस सम्मेलन में रिटायर्ड सिपाहियों से लेकर पूर्व एडीशनल डी जी रैंक के सभी पदों के पूर्व कर्मचारी और अधिकारी शामिल होंगे ।यहां जम्मू कशमीर से लेकर केरला तक की विभिन्न वेलफेयर एसोसिएशन प्रतिनिधि भाग लेने आएंगे।
अध्यक्ष जयेंद्र सिंह राणा के बताए अनुसार *श्रीमती सुधा यादव बीएसएफ विरांगना पूर्व सांसद सदस्य केंद्रीय चुनाव समिति व सदस्य केंद्रीय संसदीय बोर्ड भाजपा मुख्य अतिथि के तौर पर भाग लेंगी जोकि लोकप्रिय प्रधानमंत्री जी के काफी करीबी मानी जाती हैं।* इसके अलावा स्थानीय सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर भाग लेंगे जोकि पैरामिलिट्री परिवारों की सुविधाओं के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी को पत्र लिख चुके हैं।
पूर्व एडीजी व कॉनफैडरेसन चेयरमैन श्री एचआर सिंह ने कहा कि इस साल होने वाले 6 राज्यों के विधानसभा चुनावों व 2024 में होने वाले संसदीय आम चुनावों के लिए नई रणनीति के तहत शांति पुर्ण संघर्ष का ऐलान होगा। अर्धसैनिक बलों की मांग को लेकर ए डी जी के द्वारा रोष व्यक्त करते हुए कहा गया है कि *11 जनवरी 2023 को माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय के द्वारा सुनाए गए ऐतिहासिक फैसले को केंद्र सरकार द्वारा आज तक लटकाया जा रहा है। बिना पुरानी पैंशन जो कि जवानों की बुढापे की लाठी है बाकि जीवन कैसे कटेगा,यह तक निश्चित नही है।* एचआर सिंह ने आश्चर्य व्यक्त किया कि केंद्रीय गृह सचिव के साथ 2 फरवरी 2021 में आयोजित हुई बैठक के दौरान पैरामिलिट्री सर्विसेज को भी सेना झंडा दिवस की तर्ज पर अर्ध सेना झंडा दिवस कोष स्थापना के वायदे को पूरा करने में सरकार को दिक्कत कहां आ रही है? जबकि उपरोक्त कोष को स्थापित करने में किसी विशेष बजटीय प्रावधान की जरूरत ही नहीं है। सिर्फ इच्छा शक्ति की ही आवश्यकता है। अब समय आ गया है कि अगर ,*केंद्र व राज्य सरकारें पैरामिलिट्री जवानों व उनके परिवारों की जायज मांगों को अपने चुनावी घोषणापत्र में शामिल नहीं करती है तो *20 लाख पैरामिलिट्री परिवार व उनके रिश्तेदार जो कि देश की कुल आबादी का पांच प्रतिशत है एक निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
महासचिव रणबीर सिंह ने कहा है कि अभी भी लाखों पूर्व अर्ध सैनिकों को माननीय प्रधानमंत्री जी पर पूरा भरोसा है कि वो सरहद के चौकीदारों को पुरानी पैंशन बहाली का उपहार व अन्य सुविधाओं को प्रदान करने की की घोषणा करेंगे.प्रधानमंत्री जी इनके बीच में हर साल दिवाली तो मनाते हैं,परंतु उन्होंने जवानों की पुरानी मांग कि तरफ ध्यान देना कभी उचित नही समझा ? 100 दिनों की छुट्टी का वायदा एक जुमला साबित हुआ। गृह मंत्रालय द्वारा जारी सीएपीएफ आयुष्मान कार्ड को सभी सुविधाओं से सुसज्जित अस्पतालों में मान्यता प्राप्त नहीं ओर नाही आयुष्मान कार्ड रिटायर्ड कर्मियों को जारी किया। रणबीर सिंह द्वारा जब केंद्रीय गृह मंत्रालय को आरटीआई के माध्यम से पैरामिलिट्री जवानों के सेवारत, सेवानिवृत्त, गैलेंटरी मैडल अवार्डी एवं शहीद परिवारों की राज्यवार सूची मांगी गई तो उपरोक्त जानकारी देने से मना कर दिया गया। इससे पहले भी महासचिव द्वारा आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी गई थी कि केंद्रीय सुरक्षा बलों के कितने जवानों को साल में 100 दिन छुट्टी दी गई जिसकी जानकारी देने से भी मना कर दिया गया। अब जवानों के लिए पौष्टिक आहार के रूप में मोटे अनाज को शामिल किया गया। *पैरामिलिट्री जवान बिना मोटे अनाज के रह सकते हैं लेकिन सरहदी चौकीदारों को पुरानी पैंशन जरूरी है।* अब 20 लाख पैरामिलिट्री परिवार जाएं तो जाएं कहां। सरकार को चेताया कि किसानों व पहलवानों की तर्ज पर मजबूरन आम चुनावों से पहले लाखों पैरामिलिट्री परिवारों द्वारा सुविधाओं को लेकर जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के लिए सामुहिक निर्णय लिया जा सकता है। अब आगे सरकार को था तय करना है कि उसके द्वारा पैरामिलिट्री जवानों की सुविधाओं की मांग के प्रति वह ऐसी बेरूखी कब तक बनाए रखना है।
22 मई 2023 ग्वालियर महासम्मेलन को लेकर रणबीर सिंह ने यह भी बताया कि *इस दिन कार्यकम के दौरान अर्धसैनिकों की समस्याओं और उनकी मांगों से लेकर उनके कर्त्यव्यों और बलिदानों को मीडिया के माध्यम से देश भर में प्रचारित और प्रसारित करने वाले कलम वीरों का सम्मान भी किया जाएगा।

