15 अक्टूबर: भारत और विश्व के इतिहास की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं   

15 अक्टूबर: भारत और विश्व के इतिहास की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं   

इतिहास के पन्नों में 15 अक्टूबर की तारीख का विशेष महत्व है। यह दिन भारत और पूरी दुनिया के लिए राजनीति, विज्ञान, साहित्य, उद्योग और सामाजिक क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह रहा है। इस तिथि पर देश-दुनिया में महान हस्तियों का जन्म हुआ, तो कई बड़ी क्रांतियां और उपलब्धियां भी दर्ज की गईं।   

भारतीय इतिहास की प्रमुख घटनाएं एवं उपलब्धियां
मुगल सम्राट अकबर का जन्म (1542): भारत के महान और सबसे प्रभावशाली मुगल सम्राटों में से एक जलाल उद्दीन मुहम्मद अकबर का जन्म 15 अक्टूबर 1542 को सिंध के अमरकोट में हुआ था। उनके शासनकाल को सांस्कृतिक और प्रशासनिक समृद्धि के लिए याद किया जाता है।   

औरंगजेब द्वारा बीजापुर पर विजय (1686): मुगल शासक औरंगजेब ने 15 अक्टूबर 1686 को दक्षिण भारत के बीजापुर को जीत लिया था, जिससे वहां आदिलशाही वंश के शासन का अंत हुआ।   

भारतीय नागरिक विमानन की शुरुआत (1932): भारत के औद्योगिक जगत के लिए यह दिन ऐतिहासिक है। टाटा संस लिमिटेड ने देश की पहली कमर्शियल एयरलाइन सेवा (‘टाटा एयरलाइंस’, जो आगे चलकर ‘एयर इंडिया’ बनी) की शुरुआत की।   

भारतीय संघ का एकीकरण (1949): भारत की स्वतंत्रता के बाद रियासतों के विलय की प्रक्रिया के तहत 15 अक्टूबर 1949 को त्रिपुरा, मणिपुर और बनारस जैसी रियासतों का भारतीय संघ में पूर्ण विलय पूरा किया गया।   

अरुंधति रॉय को बुकर पुरस्कार (1997): प्रसिद्ध भारतीय लेखिका अरुंधति रॉय को उनके बहुचर्चित और प्रतिष्ठित उपन्यास 'द गॉड ऑफ़ स्मॉल थिंग्स' (The God of Small Things) के लिए ब्रिटेन के सबसे प्रतिष्ठित 'बुकर पुरस्कार' के लिए चुना गया।   

विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं
मिखाइल गोर्बाचेव को नोबेल शांति पुरस्कार (1990): सोवियत संघ (रूस) के अंतिम राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव को शीत युद्ध के तनाव को कम करने और सोवियत नीतियों में ऐतिहासिक सुधार करने के लिए 15 अक्टूबर 1990 को 'नोबेल शांति पुरस्कार' से सम्मानित किया गया।   

अंतरिक्ष में चीन की सफलता (2003): अंतरिक्ष अनुसंधान के इतिहास में 15 अक्टूबर 2003 का दिन चीन के लिए मील का पत्थर साबित हुआ, जब उसने अंतरिक्ष में अपना पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष यान सफलतापूर्वक भेजा और ऐसा करने वाला वह दुनिया का तीसरा देश बना।   

15 अक्टूबर को जन्मी महान विभूतियाँ   

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम (जन्म - 1931): भारत के 11वें राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक और देश के 'मिसाइल मैन' के रूप में विख्यात डॉ. अवुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम, तमिलनाडु में हुआ था। उनके वैज्ञानिक योगदान और युवाओं के प्रति प्रेरणास्पद विचारों के कारण उनके जन्मदिन को देश भर में 'विश्व छात्र दिवस' (World Students' Day) के रूप में मनाया जाता है।   

मीरा नायर (जन्म - 1957): अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रसिद्ध भारतीय फिल्म निर्देशक और निर्माता मीरा नायर का जन्म भी इसी दिन हुआ था, जिन्होंने 'Salaam Bombay!' और 'Monsoon Wedding' जैसी बेहतरीन फिल्मों का निर्देशन किया है।   

प्रमुख निधन
शिरडी के साईं बाबा (निधन - 1918): देश के कोने-कोने में पूजनीय और सर्वधर्म समभाव के प्रतीक शिरडी के साईं बाबा ने 15 अक्टूबर 1918 को महाराष्ट्र के शिरडी में अपना नश्वर शरीर त्याग दिया था।   

सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' (निधन - 1961): हिंदी साहित्य के छायावाद युग के प्रमुख स्तंभ, महान कवि, उपन्यासकार और निबंधकार सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' का निधन 15 अक्टूबर 1961 को हुआ था।   

भानु अथैया (निधन - 2020): भारतीय सिनेमा की पहली ऑस्कर विजेता कॉस्ट्यूम डिजाइनर (फिल्म 'गांधी' के लिए) भानु अथैया का निधन 15 अक्टूबर 2020 को हुआ था।   

संक्षेप में कहा जाए तो 15 अक्टूबर का दिन केवल राजनीतिक उथल-पुथल या सामान्य तारीख नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, विज्ञान, और वैश्विक इतिहास के फलक पर स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। एक तरफ जहाँ यह दिन मुगल काल से लेकर आधुनिक भारत के औद्योगिक और अंतरिक्ष विकास की गवाही देता है, वहीं दूसरी ओर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और शिरडी के साईं बाबा जैसी महान आत्माओं के स्मरण से यह दिन हमें प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।