साइबर ठगी का नया तरिका

मोबाइल रिचार्ज के बहाने खाता खाली हो सकता था, पर ग्राहक की सूझबूझ ने बचा ली बैक खाते में रखे रूपये

साइबर ठगी का नया तरिका

अक्सर मोबाइल में कुछ परेशानीयाँ आ जाती है जैसे नेट,काॅल संबंधित, मैसेज संबंधित आदि,जिसे ठीक कराने के लिए ग्राहक संबंधित मोबाइल सेवा प्रदत्त कंपनी के ग्राहक सेवा केन्द्र में फोन कर समस्या बताता है और कंपनी के कर्मचारी ग्राहक की शिकायत पर ग्राहक को हो रही समस्या का सामाधन कर देता है। 
काॅल सेंटर में बात न हो पाने की स्थिति में दूसरे संचार माध्यमो का भी इस्तमाल किया जाता है। इनमें ट्वीटर का चलन सबसे ज्यादा है। 
ऐसे ही एक जिओ फोन उपभोक्ता का रिचार्ज के बाद भी आउटगोईंग काॅल नही हो पा रहा था।

समाधान के लिए उन्होने पहले जीओ ग्राहक सेवा केंद्र में संपर्क करने की कोशिश की पर बात नही हो पाई ,कई बार कोशिश करने के बावजूद जब काॅल सेंटर वालों से बात न हो पाई तो उन्होने जीओ कंपनी को ट्वीट किया। 
ट्वीट करने के कुछ घंटे बाद  73843 30588 नंबर से काँल आया काल करने वाला अपना परिचय जीओ काॅल सेंटर के मैनेजर रंधीर सिंह नाम से दिया।पर ग्राहक को संदेह होने पर उसने  सत्यता जाननी चाही जिसपर उन्होने अपना परिचय पत्र (I card)  ग्राहक को व्हाट्सएप किया और यह कहा कि आप एक और रीचार्ज कर लीजिए और आपका पहले किया हुआ रिछार्ज का पैसा वापस कर दिया जाएगा। इस पर ग्राहक ने गुगल पे द्वारा पेमेंट करना चाहा पर उसे ऐसा ना कर एटीएम कार्ड से पेमेंट करने की बात कही और ऐसा करने के लिए एनीडेस्क एफ द्वारा ग्राहक के मोबाइल को कनेक्ट कर लिया इस पर ग्राहक को कुछ शंका हुई और उन्होने फोन काटकर सारी सेटिंग डिलिट कर दी और वो खुद को साइबर ढ़गी होने से बचा लिया।