संबलपूर में प्रसिद्ध शीतलषष्ठी उत्सव शूरू
15 जून को होगा भगवान शीव और माता पार्वती का विवाह
मानस बेहरा (संवाददाता)
संबलपुर : नंदपाड़ा के बालुकेश्वर बाबा और दुर्गापाली के गुडेश्वर बाबा शीतलषष्टी के उत्सव को पूरी करते हैं।
संबलपुर का मशहूर शीतल षष्टी मेला शुरू हो गया है। इस माह की 15 तारीख को भगवान शिव का विवाह होगा। बडे़ ही धूमधाम के साथ मनाए जाने वाली इस उत्सव को इस वर्ष कोरोना के कारण प्रशासन के निर्देशानुसार कोविड़ नियमो का पालन करते हुए मनाया जाएगा। इस उत्सव की एक कडी़ पत्रपेंडी को भी विधि विधान के अनुसार पूर्ण किया गया।
संबलपुर की प्रसिद्ध शीतलषष्ठी का पर्व पत्रपेंडी उत्सव के साथ शुरू हो गई है। हालांकि बिते वर्ष की तरह इस वर्ष भी कोविड़ महामारी की वजह से इस उत्सव के रंग को फीका कर दिया है।
भगवान शिव के विवाह समारोह के नियमों और परंपराओं को संरक्षित करने के लिए केवल पत्रपेंडी कार्यक्रम को पूरा किया गया है। श्री श्री बम्बरद बालुकेश्वर बाबा की शीतलाष्टी मेले को समिति नंदपाड़ा की ओर से दु़ल्हे के पिता रामचरण मिश्र सप्त ऋषीयो सहित कन्या के घर जा कर कन्या के माता-पिता गोपाल चंद्र साहू और प्रमिला साहू से मुलाकात की और वहां सभी अनुष्ठान पूरे किए जाने के बाद, दूल्हा पक्ष द्वारा लाए गए दूल्हे के प्रस्ताव के रूप में सर्गीपत्र को कन्यापक्ष के माता-पिता ने स्वीकार कर लिया और शिव के विवाह की बात पूरी हुई।
इसके अलावा पत्रपेंडी शोभायात्रा में केवल शंख,घंटा को शामिल किया गया था। शोभायात्रा के दौरान को़विड नियमो के अनुसार एक दुसरे के मध्य शारीरीक दूरता के नियमो का पूरा ख्याल रखा गया था,और उत्सव में शामिल सभी भक्तो को मास्क धारण किए हुए देखा गया।
इसी प्रकार गुडेश्वर बाबा शीतलाष्टी यात्रा समिति द्वारा दुर्गापल्ली में गुडेश्वर बाबा के सौभाग्य के लिए पत्रपेंडी यात्रा का आयोजन किया गया है। गुदेश्वर बाबा की शादी के लिए दुल्हन की तलाश में यात्रा समिति के सदस्यों के साथ प्रायोजक इस साल लड़की के माता-पिता कैलाश अग्रवाल और सुषमा अग्रवाल के पास पहुंचे।
गुडेश्वर बाबा शीतलाष्टी यात्रा समिति के सदस्य और पुजारी गुडेश्वर बाबा ने महिमा की प्रशंसा की और वर-वधू के माता-पिता को सरगीपत्र और बेलपत्र की एक थाली सौंपी।
चलित माह की 15 तारीख को देव के देव महादेव के साथ माता पार्वती का सुखद परिणय संपन्न होगा।





