सफाई कर्मचारियों की दशा को लेकर विभागीय जांच के आदेश

सफाई कर्मचारियों की दशा को लेकर विभागीय जांच के आदेश

राउरकेला नगर निगम अंतर्गत कार्यरत सफाई कर्मचारियों की यह तस्वीरें काफी दयनीय है।खाली पैर और खाली हाथ से गंदगी साफ करते यह सफाई कर्मी कभी भी संक्रमित हो सकते है। इन गंदगी में पलने वाले सुक्ष्म जीव इन सफाई कर्मियों को कई तरह से बिमार कर सकते है। एसी गंदगी में ऐसे मच्छर बहुयात में पनपते है जिनके काटने से मलेरिया और डेंगू जैसे जानलेवा बिमारियां हो जाती है। गंदे पानी और कीचड़ के नीचे कई तरह की नुकीली चिजे दबी हो सकती है, जैसे कांच के टुकडे, नुकीली कांटी,किसी पेड़ का कांटां, नुकीली लकड़ी या कोई धातु जो इन सफाई कर्मी के पैरों को जख्मी कर सकता है। इन मजदूरों के हक में राउरकेला के समाजसेवी नवीन गुप्ता ने श्रम आयुक्त को इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। नवीन गुप्ता ने इस पूरे मामले को लेकर श्रम आयुक्त के पास लिखित शिकायत की है कि, 
 राउरकेला नगर निगम किसी भी श्रम कानून का पालन नहीं कर रहा है। मुख्य रूप से नालियों, कूड़े के ढेरों आदि की सफाई करने वाले निम्न श्रेणी के सफाईकर्मचारीयो के साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया जाता है।  सफाई कर्मचारियों को सेफ्टी शूज, हेलमेट, मास्क आदि जैसे कोई सुरक्षा उपकरण नहीं दिए जाते हैं। इस वजह से कई सफाई कर्मचारी अक्सर बीमार पड़ जाते हैं और कई को पहले भी गंभीर जानलेवा चोटें आई हैं। इसके साथ ही राउरकेला नगर निगम के लिए काम करने वाले कई सफाई कर्मियों ने आरोप लगाया है कि राउरकेला नगर निगम भविष्य निधी (प्रोविडेंट फंड) , दुर्घटना और स्वस्थ बीमा जैसी कोई सुविधा नहीं दे रहा है। इन कर्मचारियों को उचित वेतन भी नहीं दिया जाता। 
नवीन गुप्ता की शिकायत पर श्रम आयुक्त ने राउरकेला नगर निगम पर विभागीय जांच के आदेश दिए है और नगर निगम आयुक्त से जबाब तलब किया है।