शारीरिक दूरता के नियमो की उडाई जा रही धज्जियां
भुल गए शहरवासी कोविड गाइडलाइंस का पालन करना , शारीरिक दुरता के नियमो की खुलेआम उडा़ई जा रही धज्जियां,चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था ।
*रामप्रवेश चौधरी (संवाददाता)
रजगांगपुर*:सुंदरगढ़ जिला के राजगांगपुर शहर में कोरोना की चेन तोडने के लिए प्रशासन द्वारा लागू किया गया शारीरिक दुरता के नियमो का 'खुलेआम' धज्जियां उडाई जा रही है।एक ओर पूरे देश में कोरोना महामारी का तांडव निरंतर जारी है। लाखो से अधिक लोग इसकी चपेट में आकर काल का ग्रास बन चुके हैं। कितनो के घर उजड़ गए हैं । चारों ओर भय और खौफ का माहौल बना हुआ है।
बार-बार केंद्र सरकार व राज्य सरकार सहित जिला प्रशासन सभी से कोविड गाइडलाइंस का पालन करने की अपील कर रही है। नियमों का अनुपालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई भी करते हुए जुर्माना भी लगा रही है। लेकिन उसके बावजूद शुक्रवार को शट-डाउन के एक दिन पहले शहर में खुले आम कोविड नियमो की धज्जियां उड़ाते देखा गया है
बढ़ती भीड़ को देखते हुए ऐसा लगता था कि मानों कोरोना महामारी फैलने का इनको कोई डर नहि है । खुलेआम शहरवासी नियमों का उल्लघंन करते हुए नजर आए। शुक्रवार सुबह दस बजे सुभाष चौक से लेकर इंदिरा चौक तक भीड़ की वजह से सड़कों पर घंटो जाम की स्थिति बनी रही।एक तरफ कोरोना दूसरी तरफ शहर में पूरी तरह से चरमराई ट्रेफिक व्यवस्था से शुक्रवार को शहर में एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। वहीं इतनी भीड़ देख कर आश्चर्य भी हो रहा था कि पूरे जिले में इतनी पावंदियो के बावजूद इतनी भीड़ आई कहां से ।
जबकि प्रशासन की तरफ से निर्देश दिया गया था कि जरूरी सामानों जैसे सब्जी , दूध , राशन के लिए 500 मीटर पैदल चलकर सामान ले सकेंगे उसके बावजूद आखिरकार इतनी भीड़ आई कहां से। इस कड़ी का सबसे अहम पहलू यह रहा कि इस मौके पर दो पहिया वाहन से लोग शहर में बेखौफ घूमते हुए नजर आए।
वहीं दूसरी ओर इस भीड़ के दौरान ना ही पुलिस की गश्ती टीम नजर आई ना ही यातायात विभाग का कोई पुलिस कर्मी नजर आया।
लोगों में चर्चा था कि क्या प्रशासन को इतनी भीड़ के मद्देनजर कारवाई करने की जरूरत नहीं पड़ी। . लोगों का ये भी कहना है लाॅक डाउन के शुरु होते ही कुछ दिनों तक जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन शहर के हर गली चौक चौराहों पर पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दे रही थी। इस दौरान प्रशासन की कड़ी कार्रवाई के चलते शहरवासियों में डर और भय का माहौल बन गया था।
लेकिन उसके बाद पुलिस प्रशासन की सुस्त रवैये की वजह से लोग बेफ्रिक होकर कोविड गाइडलाइंस का पालन करना भूल गए।
इस ढिलाई के परिणाम स्वरूप नतीजा यह रहा की रोजाना सुबह सात बजे से लेकर दिन के 11 बजे तक लोगों को खुलेआम बिना किसी जरूरी काम के बाइक से घूमते देखा जा रहा है । नियमों का उल्लघंन होने पर शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। दूध , राशन ,सब्जी की दुकान को छोड़कर शहर में लगभग सभी दुकाने आधे खुली रख सामान बेचने की खबर भी है। जिस कारण आसपास इलाकों से सैकड़ों की संख्या में लोग हर दिन बाजार आ रहे है। नियमों का अनुपालन नहीं करने से ही शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भी पूरी तरह से चरमरा गई है ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जल्द से जल्द प्रशासन को बढ़ती भीड़ और चरमराई हुई ट्रेफिक व्यवस्था पर अंकुश लगाई जानी चाहिए ताकि बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोका जा सके। ऐसा नहीं होने पर वो दिन भी दूर नहीं जब शहर में कोरोना तेजी से फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।





