शिकायत के बाद भी सीमेंट उत्पादन में हो रहा है विषैले पदार्थों का उपयोग

शिकायत के बाद भी सीमेंट उत्पादन में हो रहा है विषैले पदार्थों का उपयोग

रामप्रवेश चौधारी (संवाददाता)

सुंदरगढ़ जिला के सीमेंट नगरी राजगांगपुर शहर में आजादी के बाद लगभग 70 वर्षो से डालमिया सीमेंट कंपनी सीमेंट उत्पादन करती आ रही है | इस कंपनी में कारखाना लाइन वन, लाइन टू ,लाइन 3 के माध्यम से सीमेंट का उत्पाद किया जा रहा है,सीमेंट उत्पादन के लिए उपयोग में लाइ जाने वाली विषैले पदार्थ के जलने से वातावरण में एक विशेष प्रकार कि दुर्गंध फ़ैल रही है जिससे पूरा शहर को दूषित हो रहा है | इस दुर्गन्ध से स्थानीय निवासी खासे परेसान है | इसे लेकर स्थानीय निवासीयों द्वारा इसकी शिकायत २०१० में स्वत:बनी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से की ( यह बिभाग भारत सरकार द्वारा 2010 में बनाई गई थी,इस बिभाग का कार्य कंपनियों द्वारा प्रदूषण करने पर उस पर कारवाई करना है )

राजगांगपुर वासियों कि शिकायत पर यह बिभाग डालमियां सीमेंट कारखाना में जाँच के लिए आई थी,इसके बावजूद कारखाना द्वारा एनजीटी (ngt) नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल कानून का खुला उल्लंघन कर रहा है | जिसका स्थानीय लोगों द्वारा बारम्बार विरोध किये जाने के बाद भी कारखाने में बिषैले पदार्थों का उपयोग किये जाने से लोंगों को यह संदेह होने लगा है कि प्रशासन को अपने कब्जे में लेकर कंपनी निडर होकर अपने उत्पाद में इस विषैले पदार्थ का उपयोग कररही है |

इस पर सरकार के उच्च अधिकारीयों की नजर पड़ेगी या यूं ही स्थानीय लोगों को कारखाने से निकलने वाली की इस दुर्गंध के साथ ही जीना पड़ेगा | कंपनी के रवैये से स्थानीय लोंगों के सब्र का बाँध टूटने लगा है, और इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की जा रही है |