राउरकेला नगर निगम आयुक्त और अधिकारियों पर गौ तस्करी का आरोप

राउरकेला नगर निगम आयुक्त और अधिकारियों पर गौ तस्करी का आरोप

सेव ओडिशा आर्गनाइज़ेशन के अध्यक्ष तथा समाजसेवी एवं आरटीआई कार्यकर्ता नवीन गुप्ता ने सेक्टर- 15 थाना अध्यक्ष को राउरकेला नगर निगम आयुक्त धीना दस्तगीर एवं गौशाला प्रबंधन अधिकारी अजित पटनायक के खिलाफ गौ तस्करी का आरोप लगाते हुए इन दोनों पर मुकदमा दर्ज करने का निवेदन करते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट दी है। नवीन गुप्ता ने यह प्रथम सूचना रिपोर्ट डाक के माध्यम से दी है, क्योंकि कुछ दिन पहले भी दिनांक 07.06.2026 को नवीन गुप्ता ने यही प्रथम सूचना रिपोर्ट सेक्टर- 15 थाना में जाकर हाथों हाथ दी थी, पर थाना अधिकारी द्वारा पावती नहीं दी गई। नवीन गुप्ता का कहना है कि, यदि अब भी थाना उसकी प्रथम सूचना रिपोर्ट को दर्ज नही करता है तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे लेकिन इस लडाई से अपने पांव पिछे नही खिचेगें। 

नवीन गुप्ता ने सेक्टर- 15 थाना अध्यक्ष को प्रेसित अपने प्रथम सूचना रिपोर्ट में कहा है कि- राउरकेला नगर निगम से आवारा पशुओं से संबंधित प्राप्त आरटीआई आंकड़ों के अनुसार, सेक्टर 14, राउरकेला स्थित कांजी हाउस (नंदगांव गौशाला) में औसतन लगभग 330 गायें प्रति माह रखी जाती हैं। आरटीआई में यह भी उल्लेख है कि 5 महीनों के औसत के अनुसार लगभग 34 गायों की मृत्यु प्रति माह हुई है, जबकि कुल मिलाकर 5 महीनों में 174 गायों की मृत्यु हुई है। चार महीनों में पशु प्रबंधन पर 52 लाख 92 हजार 302 रुपये खर्च किए गए हैं।

दूसरी ओर, आवारा पशुओं के प्रबंधन पर भारी मात्रा में धन खर्च करने के बावजूद, राउरकेला के हर कोने और गली में बड़ी संख्या में आवारा पशु पाए जाते हैं, जिसके कारण सड़क दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। अतीत में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

कुछ दिन पहले, हमें अपने विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली कि राउरकेला नगर निगम के कर्मचारी राउरकेला नगर निगम आयुक्त (धीना दस्तगीर) के निर्देश और प्रशासन के साथ गायों की तस्करी में शामिल हैं। सूचना की पुष्टि करने के लिए हमारा एक सदस्य कांजी हाउस गया, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। इससे अनियमितता और नगर निगम कर्मचारियों की गायों की तस्करी में संलिप्तता की आशंकाएं और बढ़ गईं।

दिनांक 07/06/2026 को लगभग 11:30 बजे मैं अन्य हिंदू कार्यकर्ताओं के साथ सेक्टर 14 स्थित नंदगांव गौशाला (कांजी हाउस) में हो रही अनियमितताओं की जाँच करने गया, लेकिन वहाँ पहुँचने पर मुख्य द्वार बंद था और सुरक्षा गार्ड तथा गौशाला प्रबंधन ने हमें फिर से प्रवेश करने से मना कर दिया। इसके बाद मैंने 112 नंबर में आपातकालीन पुलिस नियंत्रण कक्ष को फोन किया और अनियमितताओं तथा तनावपूर्ण स्थिति के बारे में बताया। कुछ मिनटों के इंतजार के बाद पुलिस पहुँची और पुलिस की उपस्थिति और निर्देशानुसार गौशाला का मुख्य द्वार खोला गया और हम नंदगांव गौशाला में प्रवेश कर गए। हम यह देखकर स्तब्ध रह गए कि आरटीआई के आंकड़ों में उल्लिखित गायों की कुल संख्या गौशाला में मौजूद गायों की वास्तविक संख्या से बिल्कुल मेल नहीं खाती। आरटीआई के अनुसार, गौशाला में औसतन लगभग 330 गायें रखी जाती हैं, जबकि हमारी गिनती में हमने पाया कि गौशाला में मौजूद गायों की वास्तविक संख्या 100 भी नहीं है।

ठीक उसी समय जब उपायुक्त (तरुणकांत) मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने बताया कि कांजी हाउस में फिलहाल केवल 182 गायें ही मौजूद हैं। जब मैंने उनसे बाकी 148 लापता गायों के बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब के बिपरित आरटीआई डेटा के अनुसार, गायें लापता हैं। उपायुक्त (तरुणकांत) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गाय कहीं चली गई होगी और उन्हें लापता गाय के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

हमारे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरएमसी आयुक्त (धीना दस्तगीर) और अन्य कर्मचारियों की गायों की तस्करी में संलिप्तता सिद्ध हो गई है, क्योंकि आरएमसी कर्मचारियों को लापता गाय के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। साथ ही, आरएमसी कर्मचारी यह भी नहीं बता पाए कि गायों की मृत्यु के बाद उनका क्या किया जाता है। इस संबंध में, आरटीआई के अनुसार, 5 महीनों में 174 गायों की मृत्यु दर्ज की गई है। जबकि गायों की मृत्यु के कारणों का कोई पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, नंद गौशाला, कांजी हाउस, सेक्टर 14 में कितनी नई गायें आईं और कितनी गईं, इसका कोई रिकॉर्ड भी नहीं है। साथ ही, कुछ महीने पहले कुछ हिंदू कार्यकर्ताओं ने लगभग 200 गायें तसकरो से छुडाई थीं, जिन्हें कांजी हाउस में रखा गया था। कुछ महीनों बाद कुछ परिस्थितियों के कारण गायों को रिहा कर दिया गया, लेकिन उनमें से केवल लगभग 180 गायों को ही वापस लिया गया।
इसलिए, कुल मिलाकर लगभग 300 से अधिक गायों के लापता होने का अनुमान है, और मुझे आशंका है कि लापता गायों और मृत बताई गई। गायों की तस्करी राउरकेला नगर निगम आयुक्त (धीना दस्तगीर) के  निर्देश पर राउरकेला नगर निगम कर्मचारियों द्वारा पैसे के लिए की जा रही है।
 नवीन गुप्ता ने अंत में थानाध्यक्ष से यह निवेदन किया है, कृपया लापता गायो को ढूंढने में मेरी सहायता करें, और दोषीयों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करें।