रक्षाबंधन शुभ मुहूर्त 2022
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
रक्षाबंधन पर 200 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, इस शुभ मुहूर्त में ही बांधें राखी।
इस साल 11 अगस्त यानी आज देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है. भाई-बहन के रिश्ते में इस पर्व का बेहद खास महत्व है. बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं, वहीं भाई उनको गिफ्ट्स देते हैं. आपको बता दें कि सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर मनाए जाने वाला रक्षाबंधन का त्योहार इस बार बेहद खास होने जा रहा है. इस दिन ऐसा महासंयोग बन रहा है, जो करीब 200 साल बाद बना है।
ज्योतिषशास्त्रियों का कहना है कि इस साल रक्षाबंधन पर ग्रहों की एक विशेष स्थिति बन रही है. दरअसल इस बार गुरुदेव बृहस्पति और ग्रहों के सेनापति शनि वक्री अवस्था में अपनी-अपनी राशियों में विराजमान रहेंगे. साथ ही आयुष्मान, सौभाग्य और ध्वज योग रहेगा. इसके अलावा शंख, हंस और सत्कीर्ति नाम के राजयोग भी बन रहे हैं. ग्रहों का ऐसा अद्भुत संयोग करीब 200 साल बाद बन रहा है।
भद्राकाल में न बांधे राखी
ज्योतिषियों के अनुसार, गुरुवार को भद्रा काल सुबह 10:39 पर शुरू होगा और रात 8:52 पर खत्म होगा. ऐसा माना जाता है कि भद्रा का वास चाहे आकाश में रहे या स्वर्ग में, जब तक भद्रा काल पूरी तरह खत्म न हो जाए तब तक रक्षा बंधन नहीं करना चाहिए.
क्या है शुभ मुहूर्त?
रक्षाबंधन 2022: दोनों दिन के शुभ मुहूर्त:
पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त को 10:39 AM से शुरू होगी और 12 अगस्त को 7:05 AM पर समाप्त होगी. 11 अगस्त को भद्राकाल सुबह से रात 08 बजकर 51 तक है. हिंदू धर्म की मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता है. इस लिए भाइयों को राखी न तो भद्राकाल में बांधी जा सकती है और न ही रात में. जबकि 12 अगस्त को भी सुबह 7 बजकर 05 तक पूर्णिमा तिथि रहेगी. इस समय भद्रा भी नहीं है और उदयातिथि भी है. इसलिए कुछ लोग 12 अगस्त को ही राखी बांधने को शुभ मान रहें हैं. यदि आप 12 अगस्त को राखी बांधने की सोच रहें हैं तो सुबह 7 बजकर 5 मिनट से पहले ही राखी बांध दें।
11 अगस्त- पुच्छ काल में शाम 5: 07 से 6: 19
11 अगस्त- चर चौघड़िया में रात 8:52 से 9:48 तक
11 अगस्त- प्रदोष काल में रात 8:52 से 9:15 तक





