मिट्टी की दीवार के नीचे दबकर बृद्धा की मौत जिम्मेदार कौन
अनुराग आचार्य (संवाददाता)
तालचेर नगर परिषद के वार्ड नंबर 2 वार्ड में जहाँ सांसदों, पूर्व मुख्यमंत्रियों, बुद्धिजीवियों और पार्षदों के आवास हैं, ऐसे महत्वपूर्ण वार्ड में एक निराश्रित वृद्ध महिला एक परित्यक्त झोपड़ी में रहती है। जब वह सो रही थी तो बारिश के कारण दीवार उसके ऊपर गिर गई। जिससे उनकी वहीं मृत्यु हो गई। दो दिन बाद, काफी खोजबीन के बाद, पुलिस को किसी स्रोत से सूचना मिली जिसके बाद पुलिस वहां पहुंची और उक्त बुजुर्ग महिला को उस मिट्टी के दीवार के नीचे से निकाल कर उसे तालचे सरकारी मंडापाल अस्पताल भेजा। जहाँ डॉक्टर के मृत घोषित करने के बाद पोस्टमार्टम कराया गय। ऐसे में प्रश्न उठता है कि जब राज्य सरकार के पास एक कानून है जो जन्म से लेकर मृत्यु तक विभिन्न योजनाओं सहित गरीब लाभार्थियों को सरकारी जमीन और आवास प्रदान करता है, तो तालचेर नगर परिषद निराश्रित वृद्ध महिला को कैसे भूल गई? जब वृद्धा ने मामूली मकान के लिए नगर परिषद में दौड़ लगाई तो यह घटना विभिन्न समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों के सामने आई, लेकिन किसी ने उसकी मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाया, इसलिए आज वह दीवार के नीचे दब कर उसकी जान चली गई। और आज कहा जा रहा है कि मकान ढहने से उक्त महिला की असमय मौत हो गयी। नगर परिषद द्वारा उक्त महिला को सरकारी आवास कैसे और क्यों नहीं मुहैया कराया गया, इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने तथा संबंधित नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग लोगों द्वारा की जा रही है।





