महिला डाक्टर पर रिश्वत मांगने का आरोप

महिला डाक्टर पर रिश्वत मांगने का आरोप

रिश्वत की रकम नहीं देने पर मेडिकल सर्टिफिकेट पर किए गए दस्तखत काटे, शहर में यह मामला बना चर्चा का विषय, दो सौ रुपए नहीं दोगे तो मेडिकल सर्टिफिकेट में दस्तख़त नहीं करूंगी ।

राजगांगपुर:  शहर के सरकारी अस्पताल में एक महिला डॉक्टर पर एनसीसी (NCC) के छात्रों से मेडिकल सर्टिफिकेट पर दस्तखत करने के बदले 200 रुपये मांगने का आरोप लगा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर में मौजूद तीन इंग्लिश मीडियम स्कूल के 57 एनसीसी कैडेट के छात्र आगामी 15 अक्टूबर से 25 अक्टूबर को ट्रेनिंग कैंप में भाग लेने को राउरकेला जायेंगे इसके लिए उन्हें सरकारी अस्पताल के डॉक्टर से एक मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत थी । प्राप्त जानकारी के अनुसार आज सुबह तीन छात्र सरकारी अस्पताल मेडिकल सर्टिफिकेट लेने को महिला डॉक्टर स्वेता दास के पास पहुंचे थे , छात्रों ने  मेडिकल सर्टिफिकेट में दस्तखत करने की बात डॉक्टर से कही इसपर महिला डॉक्टर ने उन्हें पास में स्थित एक निजी क्लीनिक में जाने को कहा निजी क्लीनिक में जैसे ही तीन छात्र पहुंचे थोड़ी देर में महिला डॉक्टर निजी क्लीनिक पहुंचकर तीनो के मेडिकल सर्टिफिकेट में दस्तखत कर सील मारकर तीनों छात्रों से मेडिकल सर्टिफिकेट पर दस्तखत के नाम पर दो _ दो  सौ रुपए मांगे वहां मौजूद एक महिला छात्र ने डॉक्टर को दो सौ रुपए देकर सर्टिफिकेट ले लिया बाकी दो छात्रों द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर डॉक्टर ने सर्टिफिकेट पर पहले से किए गए दस्तखत काट दिए। इस घटना ने पूरे शहर में अब चर्चा का विषय बन गई है। घटना के अनुसार, तीन एनसीसी छात्र अपने मेडिकल सर्टिफिकेट लेने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। छात्रों का आरोप है कि महिला डॉक्टर ने सर्टिफिकेट पर दस्तखत करने के लिए 200 रुपये की मांग की। जब छात्रों ने पैसे देने से इनकार किया, तो डॉक्टर ने पहले से साइन किए गए सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया और हस्ताक्षर काट दिए, जिससे छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस घटना के बाद, छात्रों ने अपने अभिभावकों को सूचित किया। अभिभावकों ने अस्पताल में आकर  हंगामा किया। हंगामे के बाद अस्पताल के इंचार्ज जगदीश टोप्पो ने तुरंत मामले में हस्तक्षेप किया और छात्रों के मेडिकल सर्टिफिकेट पर सही तरीके से दस्तखत करवाए, तब जाकर मामला शांत हुआ। महिला डॉक्टर द्वारा दस्तखत के बदले 200 रुपये मांगने की घटना अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई है। शहर के लोग इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं और दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। 
अस्पताल प्रशासन ने अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन लोग इस भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। सरकारी सेवाओं में भ्रष्टाचार की ऐसी घटनाएं जनता के बीच असंतोष पैदा कर रही हैं, और प्रशासन को इस दिशा में सख्त कदम उठाने की जरूरत है।