मनोरमा नदी पर बना पुल बना परेशानी का सबब
बस्ती जनपद के हर्रैया विधानसभा में। हर्रैया अस्पताल रोड से महेवा कुवर होकर भीटी बिक्रमजोत मार्ग को जोड़ने के लिए महेवा कुवर और ज्ञानपुर के बीच मनोरमा नदी पर पुल का निर्माण कार्य पांच बर्ष से जारी है ।पुल निर्माण के बाद अप्रोच निर्माण न होने की शिकायत गाव वासियों ने सरकार से की थी जिसकी खबर सारांश दैनिक ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। तब जाकर अप्रोच बनने के छ; माह बाद शुरू हुआ फिर भी पुल पर आवागमन अभी तक शुरू नहीं
हुआ।एक बार पुनः गांव वालों की शिकायत पर जब हमारी टीम भौतिक सत्यापन के लिए कार्य स्थल पर पहुंची तो वहां ग्रामीणों की शिकायत सही दिखाई पड़ी।गांव के बीचोंबीच से पुल पर बन रहे अप्रोच के कारण गांव गड्डे में तब्दील हो गया है ।अब सबसे बड़ी समस्या जल निकासी की हो गयी है। थोड़े ही बारिस से जहां जल जमाव हो जा रहा है वहीं पट्टीदारों में रार भी छिड़ गयी है । एक दूसरे के दरवाजे पर दूसरे का पानी जाने से जलजमाव के कारण मामला फौजदारी के तरफ न बढ़ जाए और जो एक दूसरे के सुख-दुख में सहभागी थे कहीं दुश्मन न हो जाएं।गाव के निवासी अरविंद सिंह, योगेन्द्र सिंह आदि कह रहे हैं हम सबका आपसी भाईचारा गलत नीति के कारण खटाई में पड़ गया है ।जल निकासी की शिकायत पर पीडब्ल्यूडी विभाग पल्ला झाड़ रहा है तो ग्राम विकास विभाग गेंद पीडब्ल्यूडी के पाले में डाल रहा है जबकि जब रोड बनने के लिए सर्वे हुआ था तो स्टीमेट में जल निकासी की व्यवस्था विभागीय अधिकारियों को ही करनी थी ।ठेकेदार का कहना है हम तो स्टीमेट के हिसाब से काम कर रहें हैं जबकि सत्य ये है की स्टीमेट की ऐसी तैसी कर मुनाफा कमाने का खेला हो रहा है ।ना मिट्टी स्टीमेट के अनुसार है ना ही गिट्टी मानक के अनुसार है सीमेंट की मिक्सिंग ना दिखाई पड़ रही है न ही थीकनेस है । पानी नहीं पड़ने से धूल से गांव पट गया है ।विधायक के ड्रीम प्रोजेक्ट का ये हाल है तो आम सड़क अब भगवान भरोसे ही है जबकि सोचने का विषय ये है की पीडब्ल्यूडी विभाग स्वयं मुख्यमंत्री के पास है ।कुल मिलाकर कह सकते हैं यह सडक और पुल विकास कम और विनाश ज्यादा के फार्मूले पर आधारित दिखाई पड़ रही हैं जहां लोग खुश थे सडक और पुल निर्माण से वहीं निर्माण होते ही दुश्वारियां खड़ी हो गई हैं और लोग एक दूसरे के दुश्मन। अगर समय रहते इसपर विचार नहीं हुआ जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई तो अनहोनी हो सकती है। हो न हो ये सड़क घटिया निर्माण , जलजमाव और पट्टीदारों में दुश्मनी का जीता जागता उदाहरण बन गया है।इस संदर्भ में पक्ष जाने के लिए विभागीय अधिकारी जे पी यादव से फोन पर बात हुई तो वो बोले अप्रोच पर हम जल निकासी नहीं बनाते वहां लो लैंड है। ग्राम विकास विभाग नाला निर्माण करे । जबकि दोनों विभागों में पडे मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायतों का निस्तारण हो गया है । समस्या जस की तस बनी हुई है।





