ब्रिटिश कानून को समाप्त कर बनेगा नया भारतीय कानून - गृहमंत्री

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि ब्रिटिश काल के सारे गुलामी के चिन्‍हों को समाप्त कर अब ये संपूर्ण भारतीय कानून बनने जा रहा है।

 ब्रिटिश कानून को समाप्त कर बनेगा नया भारतीय कानून - गृहमंत्री

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज लोक सभा में भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा (द्वितीय) संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य (द्वितीय) विधेयक, 2023 पर चर्चा का जवाब दिया, चर्चा के बाद सदन ने तीनों विधेयकों को पारित कर दिया।

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने भारतीय साक्ष्‍य अधिनियम में कई बदलाव किए हैं। इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को दस्तावेज की परिभाषा में शामिल कर दिया है और अब किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को दस्तावेज माना जाएगा। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्राप्त बयान को साक्ष्य की परिभाषा में शामिल कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब इसका पूर्ण अमल देश के हर थाने में हो जाएगा तब हमारी न्यायिक प्रक्रिया दुनिया में सबसे आधुनिक न्याय प्रक्रिया हो जाएगी।

 अमित शाह ने कहा कि अब तक ICJS के माध्यम से देश के 97% पुलिस स्टेशन को कम्‍प्‍यूराइज्‍ड करने का काम समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अदालतों का भी आधुनिकीकरण हो रहा है और आईसीजेएस के माध्यम से फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, थाना, गृह विभाग, पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ऑफिस, जेल और कोर्ट एक ही सॉफ्टवेयर के तहत ऑनलाइन होने की कगार पर हैं। इसके साथ ही स्मार्टफोन, लैपटॉप, मैसेज वेबसाइट और लोकेशनल साक्ष्य को सुबूत की परिभाषा में शामिल किया गया है और आरोपियों, विशेषज्ञों पीड़ितों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से कोर्ट के सामने उपस्थित होने की अनुमति दी है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि एक आतंकवादी कृत्य के लिए एक ही जगह गुनाह रजिस्टर होगा, लेकिन CrPC में आज तक आतंकवाद की व्याख्या नहीं की गई थी और बचकर निकल जाते थे, उनके बचने के सारे रास्ते इस कानून के माध्यम से हमने बंद कर दिए हैं। गृह मंत्री ने कहा कि दया का अधिकार उसी का बनता है जो अपने कृत्य पर पछतावा करता है। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक साइंस को इतनी दृढ़ता के साथ कानून में जगह देने वाला एकमात्र देश भारत होगा। श्री शाह ने कहा कि ब्रिटिश काल के सारे गुलामी के चिन्‍हों को समाप्त कर अब ये संपूर्ण भारतीय कानून बनने जा रहा है।