बालूघाट बना मौत का घाट तीन दिनों में दो कर्मियों की मौत
बिसरा थाना अंतर्गत आनेवाले तेतेरकेला गाँव से होकर गुजरने वाली कोयल नदी बालूघाट में तीन दिनों के भीतर दो बालूघाट कर्मियों की मौत होने से अंचल में भय और सनसनी फैल गई है।
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https://saranshdainik.com/बालूघाट-कर्मियों-को-पानी-पिलाने-वाले-पर-डम्पर-चढ़ने-से-हुई-मौत
पहली जनवरी की रात को हुई गोली काँड़ को लेकर अनुमंड़ल पुलिस अधिकारी (डीएसपी) जोन-2 अनिल प्रधान ने कहा कि चार रांउंड़ कारतूस दागी गई है, इस घटना की तहकीकात जारी है।
इस गोलीकांड को लेकर जितनी मुंह उतनी बाते सूनने को मिल रही है। इस गोली कांड़ में खिरोधर सिंह उर्फ सूर्या सिंह नामक युवक की मृत्यु हुई है। मृत युवक तेतेरकेला ग्राम का ही रहने वाला था। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार मृत युवक उक्त बालूघाट में मुंशी का काम करता था।
सूनने में यह भी आ रहा है कि इस बालूघाट में युवको का जमावड़ा लगा रहता था।जमकर शराब और कबाब की दावाते होती थी।
नये साल की संध्या भी यही हुआ था। युवको ने देर शाम तक जमकर शराब और कबाब की दावत उडाई और फिर अंधेरे में बंदूक चल गई जिसकी कारतूस सूर्या को जा लगी।
बंदूक किसके हाथ में थी। इन युवको के पास बंदूक कहाँ से आया, कारतूस किसने दागी, क्यों दागी इन सारे सवालो पर फिलहाल सस्पेस बना हुआ है। इस मामले में बिसरा थाना में भारतीय दंड़ विधा की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।और घटनास्थल पर उपस्थित युवको से पूछताछ की जा रही।

पिछले कुछ महिनो के अंतराल पर बिसरा थाना क्षेत्र के बीसरा, सोरडा़, तेतेरकेला में सिलसिलेवार हुई गोलीकांड़ की घटना को देखते हुए यह तो कहा जा सकता है, कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक गतिविधियों को रोकने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है।





