फ्लाई ओवर आवश्यक क्यों हैं
हरहर शम्भु चौधरी (मुख्य संपादक)
रेलवे फाटक घंटो बंद रहने के कारण विद्यार्थियों,कामगरो, कर्मचारियों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मजबूरी बस फाटक को गलत तरीके से पार करना पड़ता है ,और यही गलती कई बार इनके जीवन की आखीरी गलती बन जाती है। कल सुंदरगढ़ जिले के औद्योगिक क्षेत्र कलुंगा में हुए ट्रेन हादसे में एक छात्रा और उसके पिता की एक साथ मृत्यु हो गई।
उसी तरह विवादित कुकडा फाटक में जहां वर्तमान में फ्लाई ओवर निर्माण कार्य आरंभ किया गया है,यहां भी पहले ऐसी कई घटना हो चुकी है हमारी जानकारी में आई अंतिम ट्रेन दुर्घटना एक रेलवे कर्मचारी का ही था।
देर तक फाटक बंद होने के कारण वह कर्मचारी अपने ड्युटी में समय से नहीं पहुंच पाता और समय बचाने के लिए उनहोने फाटक के बगल से अपनी मोटरसाइकिल निकालनी चाही और अज्ञानता वस ट्रेन की चपेट में आ गया जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
सुंदरगढ़ जिले में ही राजगांगपुर,बिसरा,(कुकडा़गेट),कलुंगा,मालगोदाम , आदि व्यस्त जगहों पर फ्लाईओवर बनना अतिआवश्यक हो गया है ।
ये सभी राउरकेला शहर व आसपास के क्षेत्र है। राउरकेला में ही एसटीआई और बसंती कालोनी,सिविलटाउनसिप (सरकारी महाविद्यालय)के निकट रेल पटरी पार करने के लिए फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है।फिर बाकी जगहों पर क्यों नहीं ।





