फ्लडलाईट से रौशन होगा बिजू पटनायक हाॅकी स्टेडियम

फ्लडलाईट से रौशन होगा बिजू पटनायक हाॅकी स्टेडियम

सतीश शर्मा (उप संपादक) 

हॉकी की पहचान बन चुके राउरकेला ने खेल आयोजन सुविधा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) के सेक्टर-5 स्थित बीजू पटनायक हॉकी स्टेडियम अब अत्याधुनिक फ्लडलाइट व्यवस्था से सुसज्जित हो गया है। इसके साथ ही यह स्टेडियम भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं, विशेषकर रात्रिकालीन मुकाबलों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार हो गया है। आधुनिक हॉकी में केवल सिंथेटिक टर्फ होना ही पर्याप्त नहीं माना जाता। अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) के मानकों के अनुरूप बड़े टूर्नामेंटों के आयोजन के लिए उच्च क्षमता वाली फ्लडलाइट व्यवस्था भी अनिवार्य है। अब तक बीजू पटनायक हॉकी स्टेडियम में सिंथेटिक टर्फ तो मौजूद था, लेकिन फ्लडलाइट के अभाव में यहां रात के मैच आयोजित नहीं किए जा सकते थे।

1998 में निर्मित इस स्टेडियन में 2005 में पहली बार सिंथेटिक टर्फ बिछाया गया था। इसके जर्जर होने के बाद तीन वर्ष पहले यंहा नया सिंथेटिक टर्फ बिछाया गया । अब फ्लडलाइट लगने से इसकी सबसे बड़ी कमी भी दूर हो गई है। इससे खिलाड़ियों को शाम और रात के समय बेहतर अभ्यास की सुविधा मिलेगी, वहीं विभिन्न आयु वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तथा अन्य प्रतिष्ठित हॉकी टूर्नामेंटों के आयोजन का रास्ता भी खुल गया है।

राउरकेला पहले ही विश्वस्तरीय बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम के कारण अंतरराष्ट्रीय हॉकी मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। अब बीजू पटनायक हॉकी स्टेडियम के भी आधुनिक सुविधाओं से लैस हो जाने से शहर के पास अंतरराष्ट्रीय मानकों के दो सुसज्जित हॉकी मैदान उपलब्ध हो गए हैं। इससे न केवल बड़े आयोजनों की संभावनाएं बढ़ेंगी, बल्कि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगी माहौल भी मिलेगा। हॉकी प्रेमियों का मानना है कि यह सुविधा राउरकेला को देश के प्रमुख हॉकी केंद्र के रूप में और अधिक मजबूत बनाएगी तथा भविष्य में यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अधिक टूर्नामेंट आयोजित करने में मददगार साबित होगी।