पहला स्वदेशी विमान वाहक पोत देश को समर्पित
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारतीय नौसेना को कल आईएनएस बिक्रांत नामक स्वदेशी बिमान वाहक पोत सौपा।
मीडिया खबरो के अनुसार इस विमान वाहक पोत का निर्माण देश के प्रमुख औद्योगिक घरानो के अलावा सैकडो़ छोटे बडे़ उद्योग में निर्मित कल पूर्जो से किया गया है। यह पूर्णतः स्वदेश में निर्मित युद्ध पोत है जो समुद्र में लड़ाकू बिमानो और हेलीकाप्टरो को अपने ऊपर लेकर समुद्र से देश की रक्षा करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल सुबह 9ः30 बजे कोच्चि के कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में आईएनएस विक्रांत को देश की सेवा में समर्पित किये।
आईएनएस विक्रांत का डिजाइन और निर्माण, सबकुछ भारत में ही हुआ है।आईएनएस विक्रांत को रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।
20 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ यह युद्धपोत 262 मीटर लंबा और 62 मीटर चौड़ा है। इस लिहाज से इसमें विमानो को रखने के लिए दो फुटबॉल के दो मैदानों जितनी जगह है। यह पोत 28 नॉट्स की अधिकतम रफ्तार के साथ एक बार में 7 हजार 500 नॉटिकल मील (करीब 14 हजार किमी) की दूरी तय कर सकता है। भारत के नौसेना इतिहास में देश में तैयार हुआ यह पहला इतना विशाल विमान वाहक युद्धपोत है। खास बात है कि इसका नाम भारत के पहले विमान वाहक पोत के नाम पर ही रखा गया है, जिसने पाकिस्तान के खिलाफ हुए 1971 के युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी।





