पुशय उत्कल साहित्य संसद का तृतीय वार्षिक उत्सव संपन्न

पुशय उत्कल साहित्य संसद का तृतीय वार्षिक उत्सव संपन्न

अनुराग आचार्य (मुख्य संवाददाता)

पुशय उत्कल साहित्य संसद का तृतीय वार्षिक उत्सव तालचर के देउलबेला स्थित मंगलम क्लब में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप  ओड़िशा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सभापति धरनीधर नाथ, पूश्य उत्कल साहित्य सासंद अध्यक्ष तथा तथा साहित्यकार मनोरंजन महापात्र मुख्य वक्ता एवं सम्मानित अतिथि के रूप में अंगुल जिला साहित्य अकादमी के सदस्य संग्राम प्रुष्टी, अभिनेता तथा निर्देशक भरत माझी,ढेंकानल लेखक संसद के संपादक वसन्त पटनायक एवं शिक्षाविद तथा पत्रकार सुशिल कुमार नंद आदि ने अपना योगदान देकर समाज संस्कार में साहित्य की भूमिका को लेकर अपना मत प्रकट किए।
मुख्य अतिथि श्री नाथ ने अपने वाक्तव्य में कहा कि साहित्य के बिना समाज निर्माण संभव नहीं है।
अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्जवलित करते समय शिक्षिका तथा गायिका लतिका महापात्र के कविता पाठ ने वातावरण में एक आध्यात्मिक रंग घोल‌ दिया।
इस कार्यक्रम का संयोजन लतिका प्रधान द्वारा किया गया वहीं कवित्री गुलाब नंद ने अतिथि परिचय दिया।
इस कार्यक्रम के दुत्तिय अधिवेशन में आयोजित राज्य स्तरीय कविता पाठ उत्सव में अतिथि के रूप में डा.सदानंद परिड़ा, सुकुमार शामल, एवं मधुमणि सामल ने योगदान दिया।
करूणाकर बाई एवं अरूण अरूण गडनायक के संचालन में राज्य के विभिन्न जिलों से आये कवि व‌ कवित्रियों ने कविता पाठ कर अनुष्ठान का मान बढ़ाया, इनमें नवोदय साहित्य नवोदय साहित्य के प्रतिष्ठाता दिप्ती रानी सिंह,पुर्वासा पत्रिका के संपादिका उपासना राय,प्रधापिका कल्पना बोइती,वर्णवादी की संपादिका रत्नप्रभा बाई,व अनिता पाणी समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में अनुष्ठान के सभापति श्रीमती नंद‌ ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन कर सभा समाप्त की।