धर्मान्तरण के मामले मे 03 आरोपी गिरफ्तार

धर्मान्तरण के मामले मे 03 आरोपी गिरफ्तार

:- थाना दरिमा पुलिस टीम द्वारा मामले मे आरोपियों के विरुद्ध की गई सख्त वैधानिक कार्यवाहीघ।

:- आरोपियों द्वारा ग्रामवासियो के धार्मिक भावनाओ को आहत कर कराया जा रहा धर्मान्तरण।

:- धर्मान्तरण के मामलो मे पुलिस टीम द्वारा की जा रही लगातार सख्त कार्यवाही

पुलिस प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार दिनांक 16/10/25 को जानकारी प्राप्त हुआ कि (01) जयप्रकाश साव निवासी सीतापुर (02) अजित कुमार कुजूर निवासी मंगारी द्वारा कुम्हरता गवरडांड निवासी झकल राम प्रजापति के यहां आकर लगभग 50 की संख्या में लोगो को एकत्रित कर विद्ववेशपूर्ण तरीके से हिन्दू धर्म के विश्वास को ठेस पहुंचाते हुये उनके धर्म से जुड़ने एवं जुड़ने से हर परेशानी हर बिमारी को दूर कर देने की बात कहकर धर्मातंरण का कार्यक्रम किया जा रहा था। जो आस पास के लोगो को सूचना प्राप्त होने पर और मौक़े पर जाकर देखने पर जयप्रकाश साव निवासी सीतापुर, अमित कुमार कुजूर निवासी मंगारी एवं झकल राम निवासी कुम्हरता गवरडाँड़ धर्मातरण करा रहे थे। मामले मे प्रार्थी कि रिपोर्ट पर थाना दरिमा मे अपराध क्रमांक 151/25 धारा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्रय अधिनियम 1968 की धारा 4 एवं 299, 3(5) बी. एन. एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

मामले को संज्ञान मे लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा पुलिस टीम को मामले मे सख़्ती से कार्यवाही किये जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे, पुलिस टीम द्वारा मामले के आरोपी जयप्रकाश साव,अजित कुमार कुजूर एवं झकल राम प्रजापति को तलब कर पूछताछ किया गया जो आरोपियों द्वारा अपना नाम (01) जयप्रकाश साव, पिता पन्नालाल साव, उम्र 40 वर्ष निवासी खरसिया रायगढ हाल मुकाम चलता सीतापुर थाना सीतापुर, (02)अजित कुमार कुजूर पिता मोहर साय उम्र 28 वर्ष निवासी मंगारी थाना सीतापुर, (03) झकल राम प्रजापति पिता स्व. अंतराम उम्र 38 वर्ष निवासी कुम्हरता गवरडांड़ थाना दरिमा का होना बताये।

आरोपियों से घटना के सम्बन्ध मे पूछताछ किये जाने पर घटना कारित किया जाना स्वीकार किया गया। प्रकरण में आरोपीगणो के विरुद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण मे गिरफ़्तार कर न्यायिक अभिरक्षा मे भेजा जाता है।

सम्पूर्ण कार्यवाही मे थाना प्रभारी दरिमा निरीक्षक राजेश खलखो, प्रधान आरक्षक सुजीत पाल, प्रधान आरक्षक शत्रुधन सिंह, आरक्षक टिकेश्वर, श्यामलाल केरकेट्टा सक्रिय रहे।