तालचेर शहर का मुख्य नहर प्रदुषण का शिकार 

तालचेर शहर का मुख्य नहर प्रदुषण का शिकार 

अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ) 

तालचेर शहर से होकर गुजरने वाली सिंचाई विभाग की मुख्य नहर अब अत्यधिक प्रदूषित पाई गई है। इस नहर के आसपास रहने वाले गांवों और कस्बों के लोग साफ पानी के लिए सिंचाई विभाग की इस मुख्य नहर पर निर्भर हैं जो तालचेर उप-जिले के गांवों से होकर गुजरती है।  किसान अपनी रोजमर्रा की जरूरतो के लिए पानी लेने और खेती के उपयोग के लिए पानी की आवश्यकता के लिए इस नहर पर निर्भर हैं। 

 वर्तमान में यह नहर गंदे पानी, कूड़े-कचरे, बेकार पेड़ों,टहनीयो झडे हुए पत्तो और झाग से भरी हुई है,जिससे नहर का पानी बड़ी मात्रा में प्रदूषित हो रहा है। लोग इस पानी का उपयोग विभिन्न घरेलू उद्देश्यों के लिए कर रहे हैं।  इस पानी से नहाने वाले लोगों को चर्म रोग हो रहा है।

यदि नहर के पानी का उपयोग नहाने में किया जाता है तो इससे, लोगों में खाज, खुजली, जलोदर तथा अन्य चर्म रोग फैल रहे हैं।  जब अंचल के एक निवासी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में मेरे शरीर में एक्जिमा जैसे लक्षण दिखे और जब मैंने डॉक्टर से सलाह ली तो उन्होंने मुझे केनाल के पानी से न नहाने की सलाह दी। जानकारी के अनुसार नहर के किनारे की दुकानें अपना दैनिक कचरा, राख, प्लास्टिक की बोतलें, पॉलिथीन, कांच, शराब की बोतलें आदि नहर में फेंक रहे हैं और किसी कारणवश मृत पशु-पक्षीयो को नहर में फेक देने से नहर का पानी  प्रदूषित हो रहा हैं। जिससे त्वचा रोग हो रहे हैं।
हालाँकि, विशेषकर गर्मियों में, जलजमाव होता है।  विशेषकर जिन गांवों में नदियां, जलाशय, तालाब, पोखर नहीं हैं, वहां के स्थानीय निवासियों की पानी की समस्या को दूर करने के लिए विभिन्न गांवों में नहरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा ऐसे कदम उठाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद भी पानी की सुविधा के लिए अरबों रु. जनता के हित में खर्च किया जा रहा है, रख-रखाव एवं साफ-सफाई के अभाव के कारण सरकार द्वारा लागू योजनाओ का लाभ जनता नही उठा पा रही है। 

  इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि क्षेत्र में जलजमाव के कारण किसानों द्वारा खेती का कार्य नहीं किया जा पाता है, उस समस्या के समाधान हेतु उन क्षेत्रों में कृषि के सुधार एवं विकास हेतु सिंचाई विभाग द्वारा इसका निर्माण कराया गया है।  इसलिए विभिन्न हलकों से यह दावा किया जा रहा है कि अगर सरकार और सिंचाई विभाग उचित कदम उठाये और इसका रखरखाव करे तो लोगों को साफ पानी मिलेगा और यह उपयोगी हो सकता है.