डीसीबीएल ने शुरू की अन्नदाता योजना
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
डालमिया सीमेंट ने ओडिशा में 'अन्नदाता' योजना की शुरुवात की, यह योजना क्षेत्र में किसानों के लिए टिकाऊ कृषि और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस योजना के पहले चरण में 800 से अधिक किसानों को लाभ होगा।
भारत की अग्रणी सीमेंट निर्माता डालमिया सीमेंट भारत लिमिटेड (डीसीबीएल) ने ओडिशा में 'अन्नदाता' योजना की शुरूआत करके कृषि में स्थिरता को बढ़ावा देने और खाद्य सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रोजेक्ट अन्नदाता का उद्देश्य धान और रागी की खेती को बढ़ावा देने पर ध्यान देना है और इसके साथ टिकाऊ कृषि पद्धतियों के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाना है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2023 को 'अंतर्राष्ट्रीय श्री अन्न वर्ष' (International Year of Millets) घोषित करने के मद्देनजर यह परियोजना किसानों को टिकाऊ कृषि के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में श्री अन्न की खेती के लिए प्रोत्साहित करने में विशेष भूमिका निभाएगी। ये पौष्टिक अनाज कई प्रकार से स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं, संतुलित आहार सुनिश्चित करते हैं और ग्रामीण आबादी के बीच कुपोषण से लड़ने के लिए शक्ति प्रदान करते हैं। परियोजना के पहले चरण में डीसीबीएल राजगांगपुर अपने संयंत्र के आसपास के नौ गांवों के 800 से अधिक किसानों को शामिल कर उनके बीच उच्च गुणवत्ता वाले धान के बीज (ललाट किस्म) आवंटित किये गए हैं।
इस परियोजना के बारे में विस्तार से बताते हुए, चेतन श्रीवास्तव डीसीबीएल के कार्यनिर्वाही निर्देशक व राजगांगपुर के ईकाई प्रमुख चेतन श्रीवास्तव ने कहा, “डालमिया सीमेंट में, स्थिरता हमारे परिचालन के मूल उद्देश्य में है। कृषि हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और ग्रामीण लोगों की आजीविका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह परियोजना कमाऊ किसानों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने और पर्यावरण के संरक्षण के लिए स्थायी प्रथाओं में योगदान देने के हमारे प्रयासों का प्रतिनिधित्व करती है। हमें उम्मीद है कि इस प्रयास से क्षेत्र के कई किसानों को लाभ होगा और उन्हें बेहतर गुणवत्ता वाला जीवन जीने का अवसर मिलेगा।''
ओडिशा में धान की खेती लंबे समय से प्राथमिकता रही है, किसान इसे अपनी मुख्य फसल मानते हैं। इन किसानों को सहायता प्रदान करने और कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए, डीसीबीएल ने सुंदरगढ़ जिले के लांजीबेरना, सालियामेटा, खेरामुथा, सेर्गिटोली, टुंगरीटोली, अलंदा, बिहाबंध, कुकुडा और ज्ञानपाली गांवों में अत्यधिक उत्पादक किस्म के धान के बीज वितरित किए हैं। डीसीबीएल का लक्ष्य किसानों के वित्तीय बोझ को कम करना है, जिससे वे अपनी बचत का उपयोग उत्पादन और अन्य आवश्यक कृषि गतिविधियों में कर सकें। उत्पादकता में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए संयंत्र खेती से लेकर कटाई प्रक्रिया तक सभी सहायता प्रदान करेगा। टिकाऊ प्रथाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के हिस्से के रूप में, संयंत्र किसानों को अपने बेकार धान के भूसे को जलाने के बजाय बेचने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव कम होता है और किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलते हैं। इसके साथ ही परियोजना की दीर्घकालिक स्थिरता योजना के तहत किसानों के लिए एक अनाज बैंक भी स्थापित किया जाएगा, जहां किसान अपनी उपज का उचित भंडारण करेंगे।
डालमिया सीमेंट अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व प्रयासों के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है, एक टिकाऊ और समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रहा है। प्रोजेक्ट अन्नदाता क्षेत्र में ग्रामीण उत्थान और दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा देने के लिए डीसीबीएल द्वारा किए जा रहे कई प्रयासों में से एक है।





