डालमिया भारत ने ओडिशा के साथ अपने 70 साल के जुड़ाव को मजबूत किया

डालमिया भारत ने ओडिशा के साथ अपने 70 साल के जुड़ाव को मजबूत किया

रामप्रवेश चौधरी (संपादक) 

डालमिया भारत ने ओडिशा के साथ अपने 70+ साल के जुड़ाव को मजबूत किया
- 2030 तक 1 लाख स्थायी आजीविका अवसर सृजित करने के अपने लक्ष्य पर अग्रसर हैं l 20000 वर्तमान में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कार्यरत हैं l
- हाई परफॉर्मेंस सेंटर - डालमिया भारत गोपीचंद ओडिशा बैडमिंटन एकेडमी जल्द तैयार होगी l
- ओडिशा में ई-ट्रक पायलट लॉन्च l

भारत की शीर्ष विनिर्माण कंपनियों में से एक डालमिया भारत लिमिटेड ने 'मेक-इन-ओडिशा' कॉन्क्लेव में राज्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की। 2500 करोड़ रुपये के अपने घोषित निवेश की प्रगति अपनी राजगंगपुर और कटक इकाइयों की साथ संचालित है। औद्योगिक और सामाजिक विकास को साथ-साथ चलने के अपने संकल्प को ध्यान में रखते हुए डीबीएल ने 1 लाख स्थायी आजीविका सृजित करने के अपने लक्ष्य में कार्यरत है। 8.3 मिलियन टन प्रति वर्ष की क्षमता के साथ ओडिशा में सबसे बड़े सीमेंट निर्माता के रूप में, इसने पहले ही 20,000 से अधिक लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित किये हैं।

डालमिया भारत लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री पुनीत डालमिया ने कहा, “डालमिया भारत समूह ओडिशा को एक पसंदीदा निवेश गंतव्य और सार्वजनिक-निजी भागीदारी का एक मॉडल मानता है, और हम अपने रिश्तों को और मजबूत करने की ओर कटिबद्ध हैं। राज्य के साथ हमारा जुड़ाव 1949 में प्रतिष्ठित हीराकुद बांध के निर्माण के साथ शुरू हुआ ओर बाद में राउरकेला स्टील प्लांट, कलिंगनगर में टाटा स्टील प्लांट, धामरा पोर्ट और पारादीप में इंडिया ऑयल रिफाइनरी के निर्माण के साथ चलता आ रहा है। राज्य की प्रगति में हमें सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर देने के लिए हम ओडिशा सरकार के आभारी हैं। हमारी विचार यह है कि, व्यवसाय न केवल आर्थिक परिवर्तन के माध्यम से प्रकट होना चाहिए बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से भी टिकाऊ होना चाहिए। भविष्य में लोग, उनकी प्रगति और संरक्षण व्यवसाय करने का एक मात्र तरीका है और डालमिया भारत आज से ही इसे कर रहा है! "

खेलों के माध्यम से युवाओं के प्रति कटिबद्धता राष्ट्र निर्माण के केंद्र में है। डालमिया भारत ने बैडमिंटन पर विशेष ध्यान देने के साथ खेल और फिटनेस का हमेशा समर्थन किया है। यह बैडमिंटन खेल के लिए भारत के पहले उच्च प्रदर्शन केंद्र - डालमिया भारत गोपीचंद ओडिशा बैडमिंटन अकादमी के साथ कलिंगा स्टेडियम में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार कर रहा है, जो विश्व स्तर के टूर्नामेंटों की मेजबानी करने और भारतीय खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी को विकसित करने के लिए सुसज्जित होगा। खेल के लिए डालमिया की प्रतिबद्धता रुमाबहल और कटंग गांव में खेल के मैदानों के नवीनीकरण से लेकर राज्य के पहले अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन आयोजन - ओडिशा ओपन 2022 तक भागीदारी करने तक रही है।

2022 डीबीएल के लिए एक रोमांचक साल रहा है। यह ओडिशा में अपने संयंत्रों को हरित ऊर्जा की आपूर्ति करने के लिए वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम (WHRS) के माध्यम से 22 मेगावाट और सौर ऊर्जा से 21.7 मेगावाट ऊर्जा उत्पन्न करने की क्षमता तक पहुंच गया है। 2030 तक कंपनी अपने 100% नवीकरणीय ऊर्जा के लिए प्रतिबद्ध है ओर यह   हरित ऊर्जा का विस्तार उसीका प्रयास है। एक चक्रीय अर्थव्यवस्था की ओर उद्योग के परिवर्तन की अगुवाई करते हुए, राजगंगपुर संयंत्र ने अपनी ई-ट्रक की  शुरूवात  की है जिसका उपयोग राउरकेला स्टील प्लांट से स्लैग के परिवहन के लिए किया जाएगा। इससे उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन किया जा सकेगा।

कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 1 लाख स्थायी आजीविका बनाने का है। युवाओं के लिए परिधीय विकास गतिविधियां डीबीएल के लिए एक प्रमुख फोकस रही हैं। इसने दीक्षा कौशल प्रशिक्षण केंद्रों के तहत कई पहल की हैं। आत्मनिर्भरता पैदा करने के लिए नए कौशल और उद्यमिता सुविधा के साथ छोटी लेकिन संतोषजनक सफलताएं दिखाई हैं। परियोजना हस्तकला से लेकर मशरूम की खेती तक, स्वास्थ्य सहायक, बिक्री सहायक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों, सिलाई और सौंदर्य व कल्याण प्रशिक्षण केंद्र की पहचान कर बेरोजगारी के मुद्दों को प्रभावी ढंग से संबोधित करने और युवाओं तथा उनके परिवारों की वित्तीय स्थिति में सुधार करने में मदद करने के लिए अनुकूलित कार्यक्रमों पर काम कर रहा है।