डालमियाँ भारत फाउंडेशन की ओर से इलेक्ट्रॉनिक किट का वितरण किया गया
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
भारत की अग्रणी सीमेंट कंपनी डालमिया भारत लिमिटेड (डीबीएल) की सीएसआर शाखा डालमिया भारत फाउंडेशन (डीबीएफ) ने विश्व युवा कौशल दिवस पर राजगांगपुर के दीक्षा (डालमिया इंस्टीट्यूट ऑफ नॉलेज एंड स्किल हार्नेसिंग) केंद्र में अपने प्रशिक्षुओं को इलेक्ट्रिकल टूल किट वितरित किए हैं। श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया फाउंडेशन के उदार सहयोग से, डीबीएफ ने इलेक्ट्रिकल असिस्टेंट कोर्स के अपने स्व-रोजगार वाले प्रशिक्षुओं को इलेक्ट्रिकल ट्रेड में अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए 25 इलेक्ट्रिकल टूल किट प्रदान किए। भारत में तेजी से हो रहे शहरीकरण और स्मार्ट होम जैसी तकनीकी प्रगति के साथ, प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियनों की बढ़ती मांग रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराती है। अन्य गणमान्य व्यक्तियों और मेहमानों की उपस्थिति में यूनिट के अधिकारियों द्वारा उपकरण किट प्रदान किए गए।
इस पहल के बारे में विस्तार से बताते हुए, डालमिया भारत फाउंडेशन के सीईओ, अशोक कुमार गुप्ता ने कहा, "डालमिया भारत में, हम कौशल विकास के माध्यम से अपने युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में उनकी यात्रा को सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ये किट केवल उपकरण नहीं हैं बल्कि आशा का प्रतीक हैं कि ये टूलकिट प्रशिक्षुओं को स्वरोजगार और उज्जवल भविष्य के लिए प्रेरित करेंगी। यह पहल हमारे सतत प्रयासों की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत भर में सशक्त समुदायों के निर्माण और सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए है। हम श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया फाउंडेशन के उदार योगदान के लिए दिल से आभार व्यक्त करते हैं।''
दीक्षा भारत में ग्रामीण समुदायों के वंचित युवाओं के कौशल विकास व सतत आजीविका प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान में यह भारत भर में 20 केंद्रों का संचालन कर रही है जहां हेल्थकेयर, औद्योगिक सिलाई मशीन आपरेटर, सहायक इलेक्ट्रिशियन, कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट, डॉटा इंट्री आपरेटर, सोलर पीवी इंस्टॉलर, ब्यूटी एवं वेलनेस आदि में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दीक्षा केंद्रों से 16000 से अधिक प्रशिक्षु निकले हैं जिनमें से 75 फीसदी या तो वेतनभोगी रोजगार अथवा स्व-रोजगार में हैं। इसके अतिरिक्त 50 फीसदी से अधिक प्रशिक्षु महिलाएं हौ जो कि महिला केंद्रित पहल व सशकतीकरण पर मजबूत फोकस को रेखांकित करता है। राजगांगपुर में दीक्षा केंद्र ने अब तक 1145 से अधिक छात्रों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया है जो प्रति माह औसतन 10,000 रुपये से 25,000 रुपये तक कमा रहे हैं।





