जाम में फंसता एम्बुलेंस
अस्पताल गाड़ी (एम्बुलेंस) एक अतिआवश्यक सेवाओ में से एक है। यह गाड़ी मुख्य तौर पर मरीज के लिए ही बनाई गई है, इसमें अक्सर वे मरीज होते है जिन्हें जल्द से जल्द उपचार की आवश्यकता होती है ऐसे मरीजो को अगर समय से चिकित्सा सेवा न मिल पाई तो मौत भी हो सकती है। कई बार सुनने पढ़ने को भी मिलता है कि फलाँ मरीज अस्पताल लेने के क्रम में रास्ते पर ही दम तोड़ दिया।
इसका अर्थ यह हुआ कि उस मरीज को समय रहते अस्पताल तक लाया न जा सका। इसका एक कारण रास्तों,सड़को पर लगने वाली जाम भी है जो यातायात में वाधक सृजन करती है।
जाम में फंसता अस्पताल गाडी़(एम्बुलेंस),
ओडिशा के स्मार्ट सिटी राउरकेला में कुकडा़गेट,बंडामुंडा़,मेनरोड़,पानपोष पुल, वेदव्यास, आदि रास्तों पर लगने वाले जाम में अक्सर आपने अतिआवश्यक सेवा देने वाली अस्पताल गाड़ियों को फंसते देखा होगा। शहर ही नही ग्रामीण क्षेत्रों में भी अक्सर ऐसी समस्या देखने को मिलती है। शहर में जहाँ जाम का कारण अनियंत्रित यातायात व्यवस्था,मनमाना पार्किंग पैदल चलने वाले रास्तो पर लगने वाले दुकान आदि होते है। वही ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क के किनारे लगने वाले हाट, बाजार, सड़क पर जानवरो का होना,टूटी फूटी सडके आदि सड़क जाम की वजह बनती है।





