जराइकेला में सड़क जाम: सड़क की चिंता या राजनीतिक एजेण्डा
ओडिशा-झारखंड सीमा पर भारी जाम: खराब सड़क को लेकर जराईकेला में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 320 डी ठप, विकास कार्य के बीच आंदोलन पर उठे सवाल।
बिसरा (सुंदरगढ़): खराब सड़क की बदहाली को मुद्दा बनाकर आज सुंदरगढ़ जिला के बिसरा प्रखंड अंतर्गत आने वाले सीमावर्ती क्षेत्र जराईकेला में जोरदार प्रदर्शन हुआ। बीजू जनता दल (बीजद) के बैनर तले वरिष्ठ बीजद नेता सोमनाथ राहा के नेतृत्व में बीजद कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 320D (NH-320D) को सुबह से ही पूरी तरह जाम कर दिया। इस चक्काजाम के कारण ओडिशा और झारखंड को जोड़ने वाले इस मुख्य मार्ग पर यातायात दिनभर बाधित रहा, जिससे आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी वाहनों के पहिए थम गए और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आज इलाके में सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही थी। इस प्रतिकूल मौसम के बावजूद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिसरा थाना प्रभारी मनोरंजन कुंभार अपने अधीनस्थ पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर डटे रहे। पुलिसकर्मी हाथ में छाता पकड़े प्रदर्शन स्थल पर मुस्तैद दिखे ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
दिलचस्प पहलू यह रहा कि जहाँ एक तरफ सड़क जाम कर प्रदर्शन किया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ इसी राजमार्ग पर विकास कार्य तेजी से चलता हुआ दिखाई दिया। जराईकेला पंचायत अंचल में एनएच पर टोल गेट का निर्माण कार्य प्रगति पर है, नदी-नालों पर पुल बनाए जा रहे हैं और सड़क किनारे निर्माण सामग्री (कच्चा माल) भी गिराई गई है। बिसरा से जराईकेला की दिशा में सड़क निर्माण का कार्य लगातार आगे बढ़ रहा है और कुछ हिस्सों में पक्की सड़क बनकर तैयार भी हो चुकी है।
इस प्रदर्शन के बाद अब स्थानीय गलियारों और प्रबुद्ध नागरिकों के बीच एक बड़ा सवाल तैरने लगा है। सवाल चाहे राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों से हो, समाजसेवियों से हो या आंदोलनकारी नागरिकों से कि—जब सड़क, पुल और टोल प्लाजा का काम पहले से गतिमान है और मौसम भी खराब है, तो ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग को ठप करना कितना जायज था?
क्या इस समय यातायात ठप कर आम जनता को परेशान करना जरूरी था, या फिर निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराने में सकारात्मक सहयोग देना अधिक महत्वपूर्ण था? इस विरोधाभास ने अब यह चर्चा छेड़ दी है कि यह विरोध प्रदर्शन सचमुच सड़क की चिंता में किया गया था या फिर इसके पीछे कोई राजनीतिक एजेंडा सक्रिय था।





