चैत्र नवरात्र की पूजन विधि

चैत्र नवरात्र की पूजन विधि

रामप्रवेश चौधरी (संपादक) 

चैत्र नवरात्रि आज से शुरू, जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और नियम!

शुभ मुहूर्त में करें नवदुर्गा की पूजा,

आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है. चैत्र नवरात्रि के पहले दिन यानी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि पर घर-घर में कलश स्थापना की जाती है. इसके बाद पूरे नौ दिन तक देवी के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि में जो इंसान देवी मां की सच्चे मन से आराधना करता है, उसे मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. नवरात्रि में कलश स्थापित किए बगैर कभी देवी मां की पूजा नहीं करनी चाहिए। आइए आपको कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, विधि और नियम बताते हैं।

कलश स्थापना का मुहूर्त
इस वर्ष कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 22 मार्च यानी आज सुबह 06 बजकर 23 मिनट से लेकर सुबह 07 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। यानी घटस्थापना के लिए आपको कुल 01 घंटा 09 मिनट की अवधि मिलेगी. कलश स्थापित करने के लिए यह अबूझ मुहूर्त ही उत्तम रहेगा.

कलश स्थापना की विधि

इसके बाद कलश में आम के पत्ते लगाकर उस पर नारियल रखें और फिर इस कलश को दुर्गा की प्रतिमा की दाईं ओर स्थापित करें. कलश को स्थापित करने के बाद आप देवी मां की उपासना कर सकते हैं।

नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा आराधना की जाती है. पूजा करने का शुभ मुहूर्त चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से लेकर रात्रि 8:20 बजे  तक है ।

दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा आराधना की जाती है. चैत्र शुक्ल के द्वितीय तिथि 6:20 बजे तक रहेगा. इसके अलावा, पूरे दिन सर्वदा सिद्धि योग भी बना रहेगा।

तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा आराधना की जाती है जिसमें शाम 4:59 बजे तक शुभ मुहूर्त पूजा करने का रहेगा।

चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा आराधना की जाती है जिसका शुभ मुहूर्त शाम 4:23 बजे तक रहेगा।

पांचवें दिन मां स्कंदमाता की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना की जाती है जिसका शुभ मुहूर्त शाम 4:32 बजे तक रहेगा।

छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा आराधना की जाती है जिसका शुभ मुहूर्त सुबह से लेकर शाम 5:27 बजे तक रहेगा।

सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा आराधना की जाती है. यह सुबह 16 मिनट से लेकर शाम 5:32 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा।

आठवें दिन मां महागौरी की पूजा आराधना की जाती है. सुबह से लेकर रात्रि 9:07 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा।

नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा आराधना की जाती है जिसका शुभ मुहूर्त रात्रि 11:00 बजे तक रहेगा।

सारांश दैनिक के सभी दर्शकों को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं!!