चंदे के नाम पर नशाखोरी करने वालों पर करवाई कि मांग
वर्तमान समय में सारा विश्व कोरोना रूपी वैश्विक महामारी से जूझ रहा है,हमारा देश भारतवर्ष भी इससे अछुता नही है।
इस महामारी से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर हर संभव प्रयास किए जा रहे है ,जिसके तहत बाजार बंदी,लाॅक डाउन,शट डाउन, जैसे हालात बन रहे है।
इस बंदी की वजह से कई लोगो को आर्थिक समस्या से जुझना पड़ रहा है तो दिहाडी़ मजदूरी करने वालो, छोटेमोटे चाय नाश्ता के दुकानो,होटलो पर काम कर अपना गुजारा करने वालो जैसे कई लोगो के समक्ष भोजन की समस्या उत्पन्न हो गई है,क्योकि ये वह लोग है जिनका भोजन इनकी रोज की कमाई पर निर्भर था ,ये वे लोग है जिनकी कमाई इतनी भी नही हो पाती थी कि ये भविष्य के लिए कुछ धन संग्रह कर रख पाते।
ऐसे मे इस समाज में कुछ ऐसे भी लोग है जो इस लाॅक डाउन में आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगो के लिए मदद का हाथ वढा़ रहे है ,ऐसे लोग जो जरूरत मंदो को भोजन करा रहे है उन्हे औषधी उपलब्ध करा रहे है,रोज मर्रा की जरूरतो के सामान की व्यवस्था कर रहे है।
और कुछ सामाजिक भले लोग इन सबका बीडा़ उठा रहे लोगो,संस्थाओ को आर्थिक मदद दे रहे है ताकी कोई भूखा ना सोए।
पर दुःख तो इस बात का है कि कुछ असमाजिक तत्व इस बात का गलत फायदा उठा कर ऐय्यासी मे लगे है।
ऐसा ही एक वाक्या सामने आया है बण्डा़मुण्डा से जहाँ कुछ असमाजिक तत्व
बण्डामुण्डा के "गजपती क्लब" के नाम से पैसा उगाही कर इन पैसो से नशाखोरी कर रहे थे।
ये लोग लोगो से यह कह कर चंदा मांग रहे थे कि गजपति क्लब अन्य क्लबो के साथ मिलकर जरूरत मंदो,भूखो को भोजन उपलवब्ध कराएगा।और चंदे के रूप में लिए गए पैसो से नशाखोरी करते थे।
जब वास्तविकता बण्डा़मुण्डा के नेपाली बस्ती स्थित गजपती क्लब के सदस्यो को पता चली तो गजपती क्लब और बजरंगदल के सदस्यो ने स्थानीय बण्डा़मुण्डा़ थाने मे इस बात की लिखित शिकायत करते हुए चंदे के नाम पर अवैध वसुली कर रहे असमाजिक तत्वो पर कडी कारवाई करने की माँग की।





