ओडिशा के 24 नए शहरी निकायों में जून में होंगे चुनाव

ओडिशा के 24 नए शहरी निकायों में जून में होंगे चुनाव

सतीश शर्मा (उप संपादक) 

ओडिशा में इस वर्ष जून के अंत तक नगर निकाय चुनाव कराए जाएंगे। ये चुनाव राज्य में हाल ही में घोषित 24 नए शहरी स्थानीय निकायों में होंगे। यह जानकारी राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुसूदन पाढ़ी ने बुधवार को दी।

जमीनी स्तर पर तैयारियों की समीक्षा के लिए राज्य निर्वाचन आयुक्त ने हाल ही में गंजाम जिला परिषद के सम्मेलन कक्ष में एक समीक्षा बैठक की। बैठक में चुनाव से जुड़ी व्यवस्थाओं और प्रशासनिक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई, ताकि आगामी नगर निकाय चुनाव सुचारू और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराए जा सकें।
चुनावी नियम आधिकारिक नियमों के अनुसार, किसी भी नगर क्षेत्र की अधिसूचना जारी होने के छह महीने के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। इसी प्रावधान के तहत राज्य निर्वाचन आयोग ने समयबद्ध ढंग से चुनाव कराने की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं।
उल्लेखनीय है कि ओडिशा सरकार ने पिछले दिसंबर महीने में 24 नए अधिसूचित क्षेत्र परिषद (एनएसी) और नगरपालिकाओं की घोषणा की है। ये सभी नए अधिसूचित क्षेत्र परिषद राज्य के 14 जिलों में गठित किये गए हैं। अधिसूचना के अनुसार, नवघोषित एन ए सी में
मयूरभंज जिले के पांच बेतनाटी, बांगरीपोषी, चित्रदा, कप्टिपाड़ा और रसगोबिंदपुर, कटक जिले के तीन सालेपुर, बडम्बा और नरसिंहपुर,
भद्रक जिले के तिहंड़ी और धुसुरी, गंजाम जिले के जगन्नाथ प्रसाद और पत्रपुर ,कालाहांडी जिले के नरला और जयपाटणा, संबलपुर जिले के बामड़ा और रेंगाली, अंगुल जिले का पाललहड़ा, बालासोर जिले का सिमुलिया,  बरगढ़ जिले का सोहेला, ढेंकानाल जिले के गांदिया, ,खोरदा जिले के टांगी  कोरापुट जिले के बोरिगुम्मा, 
 रायगढ़ा जिले के बिषमकटक, तथा सुबर्णपुर जिले का बीरामहाराजपुर  को नए अधिसूचित क्षेत्र परिषद के रूप में अधिसूचित किया गया हैं।
 इन सभी नव-घोषित शहरी निकायों में निर्धारित छह माह की अवधि के भीतर चुनाव कराना आवश्यक है। 
इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुसूदन पाढ़ी ने मीडिया से बातचीत में  कहा,
“कानून के अनुसार यदि किसी एनएसी या नगरपालिका की अधिसूचना जारी होती है, तो छह महीने के भीतर उसका चुनाव कराना अनिवार्य है। चूंकि एनएसी की अधिसूचना 31 दिसंबर को जारी की गई है, इसलिए हमें तय समयसीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएँ पूरी करनी होंगी। परिसीमन और आरक्षण सरकार की जिम्मेदारी है। इसके पूरा होने के बाद मतदाता सूची तैयार की जाएगी। सभी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद ही चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी।”