उदयपुर में हाथियो के आतंक से डरे सहमे है लोग

नौ हाथियों के दल ने छह मवेशियों पर किया हमला 

उदयपुर में हाथियो के आतंक से डरे सहमे है लोग

सरगुजा जिला के उदयपुर में मंगलवार - बुधवार की रात के तीसरे पहर में 3 बजे के करीब नौ हाथियों का दल जो लगभग 10 दिनों से उदयपुर वनांचल में विचरण कर रहे हैं, लगातार पालतु मवेशियों को अपना निशाना बना रहे है। मंगलवार-बुधवार की रात महेशपुर के रमसागर पतरा जंगल से निकल कर हाथियों का आवासीय बस्ती की ओर जा रहे थे। ग्रामीणों ने महेशपुर शिव मंदिर चौक पर आग जलाकर हाथियों को बस्ती की ओर जाने से रोका।

फलस्वरूप हाथीयों का दल बस्ती की ओर जाना छोड़कर जंगल किनारे स्थित गोढा तालाब की ओर रुख करने लगे इसी दौरान तालाब के मेड पर संत राम पिता सोनू घसिया के द्वारा बांधे गए छः नग बैल पर हाथियों की नजर पड़ी। हाथियों ने उन बैलों पर बेरहमी से आक्रमण कर तीन बैलों को कुचल कर मार डाला, और तीन नग बैलों को घायल कर दिया। 
इन्ही हाथियों द्वारा एक दिन पहले भी फुनगी गाँव में जंगल के भीतर बने एक ग्रामीण मुकेश का झाला को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया साथ ही रामखेलावन और समुंदर साय के घर को क्षति पहुंचाई। 
वन अमला की सजगता से अबतक जन हानि रोका जा सका है, परंतु मवेशियों को हाथियों के हमले से नहीं बचाया जा सका । हाथियों द्वारा किया जा रहा इस तरह के आक्रामक बर्ताव और घटना से आस पास के ग्राम में भय का माहौल है। हाथी अभी अलकापुरी सागौन बारी में है। हाथी आक्रामक क्यों हो रहे है इस प्रश्न का उत्तर तलाशा जा रहा है। क्योंकि नौ हाथियों का यह दल मवेशियों को बहुत नुकसान पहुंचा रहे हैं। सूचना है कि अब तक लगभग पांच मवेशियों को मौत के घाट उतार चुके है। 
 वन अमला द्वारा हाथियों से बचाव के उपाय के मुनादी कराई जा रही है, सतत निगरानी की जा रही है, हाथियों के संभावित गतिविधि वाले गांवों को सतर्क किया जा रहा है, आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भी पहुंचाया जाता है। प्रशिक्षु जिला वन अधिकारी सह प्रभारी रेंजर अक्षय भोसले के नेतृत्व में वन अमला उप वन क्षेत्रपाल अजीत सिंह, वनपाल परमेश्वर राम, परिक्षेत्र सहायक उदयपुर चंद्रभान सिंह, वन रक्षक दिनेश तिवारी, राजेश राजवाड़े, भरत सिंह, धनेश्वर इत्यादि सक्रिय नजर आ रहे हैं।