आदेश के वावजूद पद नहीं छोडना चाहते प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी

आदेश के वावजूद पद नहीं छोडना चाहते प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी

"शिक्षा विभाग में अनियमितता ख़ड़ शिक्षा अधिकारी (BEO) आर.एन. चन्द्रा दे रहे हैं शासन के आदेश को चुनौती"
"सुस्त प्रशासन एक प्रभारी BEO के आगे ठोस कार्रवाई करने में नतमस्तक"

गौरेला पेंड्रा मरवाही- शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारी के प्रभार के पद को छोड़ने और प्रभार देने से बरक रहे व्याख्याता BEO आर एन चंद्रा शासन को चुनौती दे रहे हैं। इसके इस रुतबे में निश्चित तौर से उच्च अधिकारीयो की संलिप्तता संदेहास्पद है। जो कठोर निर्णय लेने से बच रहे हैं। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में श्री चन्द्रा को राजशाही करने की आदत सी हो गई है शायद इसलिए उनको अपनी यथा स्थिति और पद में काम करने से झिझक रहे हैं।एक प्रशासनिक खण्ड शिक्षा अधिकारी का रुतबा इतना जो शासन के आदेशों का खुल के धज्जियां उड़ा रहा है। 
शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ता प्रभारी  BEO आखिर क्यों इतना बेझिझक है एक प्रभारी BEO जो शासन के आदेशित करने के बावजूद एक व्याख्याता जो वर्तमान समय में मरवाही खण्ड शिक्षा अधिकारी के पद में अपनी साख जमाए हुए हैं। जो शासन के आदेश जारी हो जाने के बावजूद अपने पद छोड़ने और प्रभार देने से कतरा रहे हैं।
शायद साहब आर एन चन्द्रा को राजशाही की आदत सी हो गई है ।  इसलिए  नए प्रभारी BEO संजय वर्मा जो शासन से आदेशित है उनको प्रभार नहीं दे रहे हैं। इससे विकाश खण्ड शिक्षा विभाग में अनिमितता की स्थिति बन गई है !
*प्रशासन की अवहेलना उड़ाने वाले ऐसे व्याख्याता के पीछे नि संदेह किसी उच्च अधिकारी या राजनेता का संरक्षण ही होगा अन्यथा एक व्याख्याता प्रभारी BEO शासन के आदेशों की धज्जियां नहीं उड़ाता*