अपनी मांग को लेकर दो महिलाओं ने कार्यालय में जडा़ ताला
अनुराग आचार्य (व्योरोचीफ)
दोनों पीड़ित महिलाओं ने नौकरी ना मिलने पर परियोजना अधिकारी के कार्यालय पर जडा़ ताला।
यह घटना है तालचेर प्रखंड के बलंदा गांव की दो महिलाएं जगन्नाथ कोयला खदान में अपनी जमीन गंवाने के बाद कई वर्षों से रोजगार की मांग कर रही हैं। लेकिन एमसीएल द्वारा महज साढ़े चार हजार रुपये में दोनों महिलाओं को एक ठेका श्रमिक के रूप में काम पर रख कर खानापूर्ती के बाद उन्हें काम से निकाल दिया।
दोनों महिलाओं ने बीते कल जगन्नाथ परियोजना कार्यालय के मुख्य द्वार ताला जड़कर कार्यालय के द्वार के आगे धरने पर बैठ गई।
बसंती बेहरा और दमयंती नाइक नामक दो महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उनके पति की आकस्मिक मृत्यु के बाद, उन्हें कानून के अनुसार कोयला खदान में स्थायी नौकरी देने के बजाय, उन्हें अस्थायी रूप से कम वेतन पर ठेकेदार मजदूर के रूप में नियुक्त किया गया था। चूंकि इन दोनों महिलाओं के लिए कम वेतन पर अपने परिवार का भरण-पोषण करना संभव नहीं है, उन्होंने ठेकेदार के इस तरह के कृत्य की निंदा की और अपने लिए स्थायी रोजगार की मांग करते हुए, सभी कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर निकालकर सुबह 10 बजे से 1 बजे तक गेट बंद करके रखा, और मजदूरों ने भी उचित न्याय के लिए दोनो महिलाओं की बातों का समर्थन किया। इस दौरान उपस्थित कर्मचारी बाहर इंतजार करते दिखे।
एमसीएल द्वारा लिखित आश्वासन देने के बाद फिर से स्थिति सामान्य हो गई। इस संबंध में एमसीएल के किसी भी कर्मचारी की जानकारी नहीं ली जा सकी है।





