संदीप शर्मा (व्योरो चीफ)
हाई-वोल्टेज ड्रामा: मनोरमा नदी में कूदने का नाटक कर रिश्तेदार के घर बैठी रही महिला, घंटो खाक छानती रही पुलिस
बस्ती में तीन माह की मासूम बेटी संग सुसाइड की झूठी अफवाह से मचा हड़कंप; सोशल मीडिया पर सुसाइड नोट वायरल होने के बाद दो थानों की पुलिस ने चलाया था सर्च ऑपरेशन
बस्ती। जिले के दुबौलिया थाना क्षेत्र में एक महिला के अपनी तीन माह की मासूम बेटी के साथ नदी में छलांग लगाने की झूठी अफवाह से पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों में घंटों तक हड़कंप मचा रहा। पिपरौला घाट पुल पर महिला के कपड़े और कथित सुसाइड नोट मिलने के बाद दो थानों की पुलिस मनोरमा नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाती रही, लेकिन बाद में मामला पूरी तरह पलट गया। नदी में कूदने का स्वांग रचने वाली महिला असल में सुरक्षित अपने एक रिश्तेदार के घर जाकर बैठ गई थी।
यह सनसनीखेज मामला दुबौलिया थाना क्षेत्र के भटहा गांव का है। मंगलवार को गांव की रहने वाली करीब 30 वर्षीय पूजा देवी अपनी तीन माह की बेटी को लेकर घर से निकली थीं। इसके बाद पिपरौला घाट पुल पर उनकी साड़ी और एक कथित सुसाइड नोट बरामद हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस नोट में महिला ने किसी को भी अपनी मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराने की बात लिखी थी। घटनास्थल पर कपड़े मिलने के बाद स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और आशंका जताई जाने लगी कि महिला ने बेटी संग नदी में छलांग लगा दी है।
घटना की सूचना मिलते ही दो थानों की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। महिला और बच्ची की तलाश में पुलिस ने मनोरमा नदी में घंटों तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया और कड़ी मशक्कत की। पुलिस और गोताखोर जब नदी की खाक छान रहे थे, तभी इस पूरे मामले में एक अप्रत्याशित मोड़ आया।
तलाश के बीच ही महिला के सुरक्षित होने की खबर सामने आई। जांच में पता चला कि महिला ने केवल नदी में कूदने का बहाना बनाया था और वह खुद अपनी बेटी के साथ सुरक्षित अपने एक रिश्तेदार के घर पहुंच गई महिला के पिता के मोबाइल पर आए एक फोन ने इस पूरे सस्पेंस को खत्म किया।
शुरुआत में इस घटना की खबर मिलते ही भटहा गांव के लोग स्तब्ध रह गए थे और पीड़ित परिवार में मातम छा गया था। महिला के एक 5 वर्षीय बेटे रुद्र के सिर से मां का साया उठने की आशंका से हर कोई परेशान था। हालांकि, महिला और बच्ची के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब महिला के इस आत्मघाती कदम का नाटक रचने के पीछे की असली वजहों और पारिवारिक परिस्थितियों की जांच कर रही है।