1 नवम्बर का दिन भारत और विश्व के इतिहास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और मील का पत्थर साबित होने वाली तारीख है। जहाँ एक तरफ
यह दिन आधुनिक भारत के भौगोलिक और राजनीतिक नक्शे को गढ़ने के लिए जाना जाता है, वहीं दूसरी तरफ विश्व इतिहास की कई बड़ी वैश्विक घटनाओं का भी गवाह रहा है।
1 नवम्बर का ऐतिहासिक महत्व इस प्रकार है:
भारत के लिए 1 नवम्बर का महत्व (राज्यों का पुनर्गठन और स्थापना)
भारत के इतिहास में 1 नवम्बर को
'राज्यों के जन्म का दिन' कहा जा सकता है। 1 नवम्बर 1956 को देश में 'राज्य पुनर्गठन अधिनियम' लागू हुआ, जिसके बाद भाषा और संस्कृति के आधार पर भारत का नक्शा बदल गया।
- 1954 (पुडुचेरी की मुक्ति): फ्रांस के कब्जे वाले भारतीय इलाकों जैसे पांडिचेरी (पुडुचेरी), कराइकल, माहे और यानोन को वास्तविक रूप से भारत सरकार को सौंप दिया गया, जिसे पुडुचेरी विलय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
- 1956 (भाषाई आधार पर पुनर्गठन): इस दिन मध्य प्रदेश, कर्नाटक (तब मैसूर), केरल, आंध्र प्रदेश, और तमिलनाडु जैसे राज्यों का गठन/पुनर्गठन हुआ। इसके साथ ही दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया।
- 1966 (पंजाब और हरियाणा का जन्म): पंजाब को विभाजित कर भाषाई आधार पर नए राज्य हरियाणा का गठन किया गया और चंडीगढ़ को दोनों की संयुक्त राजधानी व केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।
- 2000 (छत्तीसगढ़ की स्थापना): मध्य प्रदेश से अलग करके छत्तीसगढ़ को भारत के 26वें राज्य के रूप में स्थापित किया गया।
अन्य प्रमुख भारतीय घटनाएं:
- 1858: भारत का शासन ईस्ट इंडिया कंपनी के हाथों से सीधे ब्रिटिश क्राउन (ब्रिटेन के शासक) के अधीन चला गया और गवर्नर-जनरल का पद बदलकर वायसराय कर दिया गया।
- 1881: कोलकाता (तब कलकत्ता) में ट्राम सेवा की औपचारिक शुरुआत स्यालदाह और अर्मेनिया घाट के बीच हुई।
- 1950: भारत के पहले स्वदेशी भाप इंजन का निर्माण चितरंजन रेल कारखाने में पूरा हुआ।
- 1984: पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश के कई हिस्सों में सिख विरोधी दंगे भड़क उठे।